नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने चुनावों में कथित धांधली का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने हालिया चुनावों को रद्द कर दोबारा कराने की मांग भी रखी। केजरीवाल के ये आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं, जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।
केजरीवाल ने दावा किया कि अब तक चुनावों में वोट चोरी के आरोप लगाए जाते रहे हैं, लेकिन उनके मुताबिक एक रिपोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को कथित चुनावी हेरफेर का “मास्टरमाइंड” बताते हुए उनकी गिरफ्तारी और अभियोजन की मांग की। यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये आरोप केजरीवाल के राजनीतिक दावे हैं; इन आरोपों को अदालत या किसी स्वतंत्र जांच द्वारा सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
चुनाव आयोग के कामकाज पर भी उठाए सवाल
केजरीवाल ने चुनाव आयोग की तीन सदस्यीय व्यवस्था का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को अकेले फैसले लेने का अधिकार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कुछ फैसलों और आदेशों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उनकी यह टिप्पणी उस रिपोर्ट के बाद आई है जिसमें दावा किया गया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ कदमों पर 14 बार आपत्ति दर्ज की।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने नए मतदाताओं को जोड़ने, मतदाता सूची से नाम हटाने और मतदाता डेटा की पहुंच से जुड़े कुछ कदमों पर सवाल उठाए थे। रिपोर्ट में इन आपत्तियों को रिकॉर्ड पर दर्ज होने का दावा किया गया है। विपक्षी नेताओं ने इसी रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
SIR को लेकर केजरीवाल का विरोध
केजरीवाल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को भी निशाने पर लिया। उन्होंने इस प्रक्रिया को रद्द करने और पिछले वर्षों की मतदाता सूची को बहाल करने की मांग की। केजरीवाल ने दावा किया कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाता नाम प्रभावित हुए हैं और प्रक्रिया में अपनाए गए कुछ बदलावों पर सवाल उठ रहे हैं।
वहीं, इस पूरे विवाद के बीच चुनाव आयोग के सूत्रों ने किसी भी चुनाव आयुक्त के बीच असहमति की खबरों से इनकार किया है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग के सूत्रों ने कहा कि किसी भी चुनाव आयुक्त के बीच ऐसी असहमति नहीं है जैसी रिपोर्टों में बताई जा रही है। ऐसे में SIR और आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
हालिया चुनावों को रद्द करने की मांग
केजरीवाल ने दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में हुए हालिया विधानसभा चुनावों को रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी अन्य विपक्षी दलों से भी बातचीत करेगी। फिलहाल उनके द्वारा लगाए गए चुनावी धांधली के आरोप राजनीतिक दावों के स्तर पर हैं और इस संबंध में किसी निष्कर्ष को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
