नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन ने 12 अक्टूबर को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकतंत्र और विरोध-प्रदर्शन के अधिकार को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर धरना-प्रदर्शन बंद हो गए, तो लोकतंत्र भी खत्म हो जाएगा।
अखिलेश यादव का बीजेपी पर तंज
मार्च के दौरान अखिलेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा, “कहीं ऐसा न हो कि ज्ञानेश कुमार को हटाते-हटाते बीजेपी ही हट जाए।”
उनके इस बयान को चुनाव आयोग की भूमिका और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर INDIA गठबंधन के विरोध के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, मार्च के दौरान उठाए गए आरोपों और मांगों पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन के मार्च का उद्देश्य उनके खिलाफ अपनी आपत्तियां और मांगें सामने रखना बताया गया। सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के दौरान गठबंधन के नेताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में धरना-प्रदर्शन को लोकतंत्र का अहम हिस्सा बताया। उनका कहना था कि विरोध की आवाज बंद होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय होगा।
इस घटनाक्रम के बीच चुनाव आयोग की भूमिका, विपक्ष की आपत्तियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
