महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा वनपरिक्षेत्र में वन विभाग की टीम के साथ मारपीट और वनकर्मियों को कई घंटे तक बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। घटना तमोरा जंगल के कक्ष क्रमांक 95 और 96 की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जंगली सूअर के कथित शिकार की सूचना पर जांच और रात्रि गश्त के लिए पहुंची वन विभाग की टीम को करीब 40 से 50 महिला-पुरुषों ने घेर लिया। आरोप है कि भीड़ ने वनकर्मियों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट और गाली-गलौज की।
शिकार की सूचना पर जंगल पहुंची थी टीम
जानकारी के मुताबिक, वन विभाग को तमोरा क्षेत्र के जंगल में जंगली सूअर के शिकार और वन्य मांस से जुड़ी गतिविधि की सूचना मिली थी। इसके बाद बागबाहरा वनपरिक्षेत्र की टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची थी। टीम में रेंजर नवीन वर्मा, आमाकोनी के डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा समेत वन रक्षक, चौकीदार और वॉचर सहित कुल छह कर्मचारी शामिल थे।
वन विभाग के मुताबिक, टीम के जंगल में पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में महिला और पुरुष वहां पहुंचे और वन अमले को घेर लिया। आरोप है कि इसके बाद वनकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी गई।
रेंजर समेत अधिकारियों को कई घंटे बंधक बनाने का आरोप
घटना के दौरान रेंजर नवीन वर्मा और डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा समेत वन विभाग के कर्मचारियों को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया। कुछ रिपोर्टों में अधिकारियों को करीब पांच घंटे तक एक मकान में रोके जाने की बात सामने आई है, जबकि अन्य शुरुआती रिपोर्टों में करीब छह घंटे तक बंधक बनाए रखने का उल्लेख है।
आरोप है कि इस दौरान वन अधिकारियों के साथ मारपीट की गई। एक रिपोर्ट के अनुसार, रेंजर का पर्स और डिप्टी रेंजर का मोबाइल फोन भी ले लिए जाने का आरोप है। हालांकि, घटना में शामिल लोगों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मोबाइल से अधिकारियों और पुलिस को दी सूचना
बंधक बनाए गए वन अधिकारियों ने किसी तरह मोबाइल फोन और मैसेजिंग के जरिए अपने वरिष्ठ अधिकारियों तथा पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
मौके पर पहुंची टीम ने बातचीत और समझाइश के बाद वन अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की। इसके बाद घायल वनकर्मियों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।
मेडिकल जांच के बाद शुरू हुई कार्रवाई
मारपीट की घटना में घायल वन अधिकारियों और कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है। फिलहाल कितने कर्मचारियों को कितनी चोटें आई हैं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
वन विभाग ने घटना को गंभीरता से लेते हुए शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी और अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के आरोपों की जांच शुरू की है। पुलिस भी घटना में शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
तमोरा क्षेत्र में पहले भी सामने आ चुके हैं विवाद
बताया जा रहा है कि तमोरा क्षेत्र में वनभूमि और अतिक्रमण को लेकर वन विभाग और कुछ स्थानीय लोगों के बीच पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। अप्रैल 2026 में वन विभाग ने तमोरा क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 95 और 96 में कथित अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की थी और विभाग के अनुसार कई लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए थे।
फिलहाल ताजा घटना को लेकर पुलिस और वन विभाग की जांच जारी है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि वन अमले पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
