नई दिल्ली। भारत और चीन के रिश्तों में लंबे समय से चली आ रही तल्खी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्रस्तावित मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत होने की खबर है। यह मुलाकात भारत-चीन संबंधों में आई तल्खी के बाद रिश्तों को नई दिशा देने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
12 सितंबर को भारत पहुंचेंगे शी जिनपिंग
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचेंगे। यह करीब सात साल बाद उनका भारत दौरा होगा। चीन ने भी BRICS सम्मेलन में उनकी भागीदारी की पुष्टि कर दी है। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और 18वें BRICS Leaders’ Summit की मेजबानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में की जा रही है।
BRICS सम्मेलन में वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ आर्थिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक और बहुपक्षीय सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। ऐसे में मोदी और शी की मुलाकात को सम्मेलन से इतर भारत-चीन संबंधों पर बातचीत के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
गलवान के बाद रिश्तों में आया था बड़ा तनाव
भारत और चीन के संबंधों में सबसे बड़ा तनाव जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद आया था। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर सैन्य और कूटनीतिक तनाव काफी बढ़ गया था। लंबे समय तक दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद भी प्रभावित रहा।
हालांकि पिछले कुछ समय में सीमा पर तनाव कम करने और द्विपक्षीय रिश्तों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास हुए हैं। इसी पृष्ठभूमि में मोदी-शी मुलाकात को दोनों देशों के संबंधों में आगे की दिशा तय करने वाली अहम बातचीत के तौर पर देखा जा रहा है।
LAC से लेकर व्यापार तक कई मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों नेताओं की बातचीत में भारत-चीन संबंधों की मौजूदा स्थिति के साथ सीमा पर शांति और स्थिरता, व्यापार तथा आर्थिक संबंधों से जुड़े मुद्दे शामिल हो सकते हैं। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय में रिश्तों को सुधारने की कोशिश हुई है, लेकिन सीमा और आर्थिक मोर्चे पर कई चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
मोदी और शी की बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दोनों देश एशिया की दो बड़ी शक्तियां हैं और इनके संबंधों का असर क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था और रणनीतिक समीकरणों पर भी पड़ता है।
BRICS के मंच पर अहम होगी मुलाकात
नई दिल्ली में होने वाला BRICS सम्मेलन भारत और चीन के लिए सिर्फ बहुपक्षीय सहयोग का मंच नहीं होगा, बल्कि दोनों देशों के नेताओं के बीच सीधे संवाद का भी महत्वपूर्ण अवसर बनेगा। शी जिनपिंग का सात साल बाद भारत आना और उसी दौरान मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होना दोनों देशों के रिश्तों में संभावित बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
अब सभी की नजरें 12 सितंबर को होने वाली इस अहम मुलाकात और दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत के एजेंडे पर टिकी हैं। बातचीत में सीमा विवाद, व्यापार और आपसी संबंधों को लेकर क्या संदेश सामने आता है, यह भारत-चीन रिश्तों की आगे की दिशा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होगा।
