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Bastar Flood: बाढ़ के बीच बिजली बहाली में जुटे कर्मचारी, कहीं पानी में उतरकर तो कहीं नाव से पहुंच रही टीम; 148 गांव प्रभावित

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन के साथ बिजली व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। बाढ़ के कारण जिले के करीब 148 गांवों में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। इसके बाद विद्युत विभाग की टीमें लगातार मैदान में उतरकर बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटी हैं। विभाग के प्रयासों से अधिकांश प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है, लेकिन इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में अब भी कई गांवों और पारा-मोहल्लों में बिजली बहाली का काम चुनौती बना हुआ है।

पानी और दलदल के बीच बिजली बहाली का काम

बाढ़ प्रभावित इलाकों में विद्युत कर्मचारियों को बेहद मुश्किल परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है। कई जगह कर्मचारी पानी में उतरकर और रस्सियों की मदद से क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों को सीधा कर रहे हैं। वहीं, कुछ ऐसे इलाके भी हैं जहां सड़क और जमीनी रास्ते पानी में डूब जाने के कारण कर्मचारी नाव के जरिए मौके तक पहुंचकर विद्युत लाइन और उपकरणों को दुरुस्त कर रहे हैं।

बाढ़ के बाद कई स्थानों पर बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। मकानों के ढहने और तेज बहाव के कारण विद्युत लाइनों को भी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में कर्मचारियों को पहले प्रभावित स्थान तक सामग्री पहुंचाने और फिर लाइन को दोबारा स्थापित करने का काम करना पड़ रहा है।

एक सप्ताह बाद भी कई इलाकों में बिजली का इंतजार

बाढ़ की स्थिति के करीब एक सप्ताह बाद भी इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में बसे एक दर्जन से अधिक गांवों के कई पारा-मोहल्लों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। नदी किनारे पानी और दलदल की स्थिति बनी होने के कारण विद्युत विभाग की टीमों को मरम्मत कार्य में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।

विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नदी किनारे के इलाकों में बड़ी संख्या में बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई जगह मकानों के गिरने से बिजली की लाइनें प्रभावित हुई हैं। इन लाइनों को दोबारा स्थापित करने में समय लग रहा है।

नए पोल और उपकरण पहुंचाना बड़ी चुनौती

प्रभावित इलाकों में अब भी पानी जमा होने के कारण नए बिजली के पोल और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाना आसान नहीं है। कीचड़ और दलदल के चलते वाहनों की आवाजाही प्रभावित है। ऐसे में कर्मचारियों को कई जगह वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

बिजली विभाग की टीमें उपलब्ध संसाधनों के साथ लगातार काम कर रही हैं, ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति जल्द से जल्द सामान्य की जा सके।

लोहंडीगुड़ा, बकावंड और नगरनार में ज्यादा असर

बाढ़ का असर लोहंडीगुड़ा, बकावंड और नगरनार क्षेत्र के गांवों में अधिक देखने को मिला है। इन इलाकों के कई गांवों और पारा-मोहल्लों में विद्युत व्यवस्था बहाल करने का काम जारी है।

फिलहाल विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार पहुंच रही हैं। कहीं कर्मचारी पानी के बीच बिजली के पोल और लाइन सुधार रहे हैं तो कहीं नाव के जरिए जरूरी उपकरण मौके तक पहुंचाए जा रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि शेष प्रभावित इलाकों में भी जल्द बिजली आपूर्ति बहाल की जाए।

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