जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सामने आए नीरजा शर्मा हत्याकांड ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एलएलबी अंतिम वर्ष की छात्रा आयुषी शर्मा को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह हत्या कथित तौर पर अनुकंपा नियुक्ति और करोड़ों रुपये की संपत्ति हासिल करने की मंशा से रची गई साजिश का हिस्सा थी। हालांकि, मामले में आरोपों की पुष्टि अदालत में सुनवाई और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
पुलिस जांच में सामने आए कई अहम दावे
जांच के दौरान पुलिस का कहना है कि आरोपी आयुषी शर्मा ने बेहद सुनियोजित तरीके से पूरी साजिश को अंजाम देने की कोशिश की। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर पुलिस इसे पूर्व नियोजित अपराध मानकर जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी कानून की छात्रा होने के कारण कानूनी प्रक्रियाओं की भी अच्छी समझ रखती थी।
संपत्ति और अनुकंपा नियुक्ति बना जांच का केंद्र
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच में यह पहलू सामने आया है कि परिवार की संपत्ति और भविष्य में मिलने वाली अनुकंपा नियुक्ति को लेकर विवाद चल रहा था। जांच एजेंसियां इसी एंगल से वित्तीय दस्तावेजों और पारिवारिक परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मां ने सुरक्षा के लिए लगाए थे CCTV कैमरे
जांच में यह भी सामने आया है कि नीरजा शर्मा ने अपनी सुरक्षा को लेकर पहले ही एहतियात बरतनी शुरू कर दी थी। उन्होंने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे और सुरक्षा के लिए अन्य इंतजाम भी किए थे। पुलिस अब इन कैमरों की रिकॉर्डिंग समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।
परिवार के भीतर तनाव की भी हो रही जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे मतभेदों और रिश्तों में तनाव के पहलू की भी जांच की जा रही है। जांच टीम परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है।
जांच जारी, अदालत में तय होगी सच्चाई
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी सबूतों को एकत्र कर रही है और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। मामले में आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। इस हत्याकांड ने पारिवारिक रिश्तों, लालच और आपराधिक मानसिकता को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
