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कोरिया तिहरा हत्याकांड: करणी सेना ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, 7 सूत्रीय मांगों को लेकर उग्र आंदोलन की चेतावनी

रायपुर/कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में एक ही परिवार के कई सदस्यों की निर्मम हत्या और जानलेवा हमले के मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया है। इस जघन्य हत्याकांड को लेकर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर ने घटना पर तीव्र आक्रोश व्यक्त करते हुए सरकार के सामने 7 सूत्रीय मांगें रखी हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला, तो पूरे प्रदेश में उग्र जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।

“पीड़ित परिवार असुरक्षित, प्रशासन का रवैया उदासीन”

प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि पीड़ित परिवार लगातार उनके संपर्क में है। उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन या प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे पीड़ित परिवार में गहरा आक्रोश और निराशा है। परिवार इस वक्त खुद को असुरक्षित और उपेक्षित महसूस कर रहा है। तोमर ने भावुक अपील करते हुए परिवार से कहा है कि वे कोई भी आत्मघाती या अतिवादी कदम न उठाएं, करणी सेना उनके हक के लिए अंतिम दम तक लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेगी।

करणी सेना की 7 प्रमुख मांगें:

करणी सेना ने छत्तीसगढ़ शासन और प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से रखी हैं:

  1. दोषियों की अवैध संपत्तियों पर तत्काल बुलडोजर कार्रवाई की जाए।
  2. दोषियों को फाँसी की सजा दिलाने हेतु सरकार विशेष अभियोजन की व्यवस्था करे।
  3. पूरे मामले की जांच उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाए।
  4. फास्ट ट्रैक कोर्ट में प्रतिदिन सुनवाई कर शीघ्र फैसला सुनिश्चित किया जाए।
  5. दोषियों और उन्हें संरक्षण देने वाले तत्वों के विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
  6. पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता, सुरक्षा एवं सरकारी संरक्षण दिया जाए।
  7. मामले की निगरानी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाए ताकि न्याय प्रक्रिया प्रभावित न हो।

राजनीतिक हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं, राज शेखावत के नेतृत्व में होगा आंदोलन

करणी सेना ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दो टूक शब्दों में कहा है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या राजनीतिक हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि न्याय मिलने में देरी हुई, तो राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत के नेतृत्व में इस आवाज को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाया जाएगा। करणी सेना पूरे प्रदेश में एक बड़ा लोकतांत्रिक जनआंदोलन खड़ा करेगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

जारीकर्ता:
वीरेन्द्र सिंह तोमर
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष
करणी सेना, छत्तीसगढ़

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