नई दिल्ली/कोलकाता। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस कार्रवाई को युवाओं को डराने और उनकी आवाज दबाने की कोशिश बताया। ममता बनर्जी ने लोगों से लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील भी की।
CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर ममता बनर्जी ने जताया विरोध
समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर CJP कार्यकर्ताओं अशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी की निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज उठाना बंद नहीं करना चाहिए।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य पूरी पीढ़ी को डराना और चुप कराना है। उन्होंने युवाओं से लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट रहने की अपील की।
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
यह मामला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP और अन्य संगठनों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और इससे चुनावी निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम गलती से हट गए हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा पंजीकरण करा सकते हैं।
जंतर-मंतर में प्रवेश को लेकर पुलिस ने की कार्रवाई
रिपोर्टों के अनुसार, CJP कार्यकर्ता अशुतोष रांका और सौरव दास सहित कुछ लोग दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश कर प्रदर्शन करना चाहते थे। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन स्थल को आधिकारिक विरोध स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद वहां बिना अनुमति प्रवेश करने और पहले दिए गए शांति संबंधी आश्वासन का उल्लंघन करने के आरोप में कार्रवाई की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, एक विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने अशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। वहीं, CJP से जुड़े अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर शांति बनाए रखने की शर्तों के साथ छोड़े जाने की जानकारी सामने आई।
लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। ममता बनर्जी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए युवाओं के समर्थन में आवाज उठाई। वहीं, पुलिस का कहना है कि संबंधित कार्रवाई नियमों और पहले से लागू शर्तों के उल्लंघन के आरोपों के आधार पर की गई।
इस घटनाक्रम ने प्रदर्शन की अनुमति, सार्वजनिक स्थलों पर विरोध के अधिकार और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज कर दी है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और संबंधित पक्षों के बयान महत्वपूर्ण होंगे।
