काठमांडू। नेपाल में 26 अगस्त को रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 1,353 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे में जान गंवाने वालों की याद में नेपाल में सोमवार को राष्ट्रीय शोक मनाया गया।
सरकारी कार्यालयों और दूतावासों में झुका रहा राष्ट्रीय ध्वज
नेपाल सरकार ने 3 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में बाढ़ में मारे गए लोगों के सम्मान में राष्ट्रीय शोक मनाने का फैसला लिया था। इसके तहत नेपाल के सरकारी कार्यालयों के साथ विदेशों में स्थित नेपाली दूतावासों और राजनयिक मिशनों में भी राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाकर फहराया गया।
नेपाल पुलिस के मुताबिक रविवार शाम तक बरामद किए गए शवों में 530 पुरुष और 328 महिलाएं शामिल हैं। वहीं 495 शव क्षत-विक्षत हालत में मिले हैं, जिनकी पहचान अभी नहीं हो सकी है।
करीब 4 हजार लोगों से संपर्क नहीं
पुलिस के अनुसार, बाढ़ के बाद 3,992 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिनमें 595 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। बरामद शवों में से 1,044 का अंतिम संस्कार किया जा चुका है, जबकि बाकी शवों की पहचान और उनके प्रबंधन की प्रक्रिया जारी है।
सुरक्षा एजेंसियां लापता लोगों की तलाश और राहत-बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। खास तौर पर भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के आसपास तथा वहां मौजूद जलविद्युत परियोजनाओं के क्षेत्रों में तलाश तेज की गई है।
PM बालेन्द्र शाह ने बुजुर्गों को दिया भरोसा
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बाढ़ प्रभावित बुजुर्गों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे खुद को अकेला न समझें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य और सरकार संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है।
प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि बाढ़ के दौरान कई बुजुर्गों को अपनी जान की परवाह किए बिना अपने बच्चों और पोते-पोतियों को बचाने के लिए ऊंचे स्थानों की ओर भागना पड़ा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को सामान्य दिनों में चलने के लिए सहारे की जरूरत होती है, उन्होंने भी अपने परिवार को बचाने के लिए असाधारण साहस दिखाया।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में भी कई लोग लापता
इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, नेपाल (IPPAN) के अनुसार, रविवार शाम तक 11 हाइड्रोपावर परियोजनाओं में काम करने वाले 919 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया था। इन परियोजनाओं के आसपास भी राहत और बचाव अभियान जारी है।
हालांकि, कुछ परियोजनाओं से लोगों को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली है। 4 सितंबर को 60 मेगावाट क्षमता वाले अपर त्रिशूली-3A प्रोजेक्ट से दो नेपाली नागरिकों को बचाया गया। इसके अलावा 5 सितंबर को 216 मेगावाट क्षमता वाले अपर त्रिशूली-1 प्रोजेक्ट से एक चीनी नागरिक को भी सुरक्षित निकाला गया।
नेपाल में बाढ़ से मची इस तबाही के बाद राहत और बचाव एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश और प्रभावित इलाकों तक सहायता पहुंचाना है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।
