नई दिल्ली, 17 जून। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार असली दोषियों के बजाय छात्रों को निशाना बना रही है।
- “चोर को छोड़, छात्रों पर कार्रवाई”
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि पेपर लीक रोकने के नाम पर टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाना ऐसा है जैसे “चोर को पकड़ने के बजाय पीड़ित के घर पर ताला लगा दिया जाए।”उन्होंने कहा कि लाखों छात्र पढ़ाई, नोट्स, टेस्ट सीरीज़ और शैक्षणिक चर्चाओं के लिए टेलीग्राम का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इस प्लेटफॉर्म पर रोक लगाना समस्या का समाधान नहीं है।
- “अगला प्रतिबंध व्हाट्सएप पर लगेगा?”
कांग्रेस नेता ने सरकार के फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि यह कदम भी पूरी तरह प्रभावी नहीं है। उन्होंने सवाल किया, “देश का हर छात्र और पेपर लीक माफिया जानता है कि यह फूलप्रूफ नहीं है। फिर अगला प्रतिबंध किस पर लगाया जाएगा? व्हाट्सएप पर?”
- सुरक्षा के नाम पर दिखावा: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा सुरक्षा को लेकर दिखावटी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दिन छात्रों की सख्त तलाशी होगी, जेबें तक काटी जाएंगी और प्रश्नपत्रों को विशेष सुरक्षा के बीच भेजा जाएगा, लेकिन पेपर लीक की जड़ पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।उनका कहना था कि पेपर लीक माफिया सरकार की निगरानी में फल-फूल रहा है और इसका खामियाजा देश के करोड़ों युवाओं को भुगतना पड़ रहा है।
- “माफिया पर वार कीजिए, छात्र पर नहीं”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “दिखावा छोड़िए। पेपर लीक माफिया पर वार कीजिए, छात्र पर नहीं। छात्रों की आवाज सुनिए, क्योंकि देश का युवा अपना हक लेना जानता है।”
- टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध क्यों?
गौरतलब है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले नकल और गलत जानकारी के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से भारत में टेलीग्राम के इस्तेमाल पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाया है।एनटीए के अनुसार यह कदम परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। संशोधित कार्यक्रम के तहत नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
- राजनीतिक बहस के केंद्र में पेपर लीक
देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के कारण परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। राहुल गांधी के ताजा बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन गया है। अब देखना होगा कि सरकार इस आलोचना का क्या जवाब देती है और पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए आगे क्या कदम उठाती है।