रायपुर। छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग और शराब घोटाले से जुड़े मामलों में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद कोर्ट में पेश करने की तैयारी की है। इसी बीच, एजेंसी ने उनकी करीब 9.06 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई भी की है।
कस्टम मिलिंग मामले में ED की कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ED के रायपुर जोनल ऑफिस ने 9 अक्टूबर 2026 को रामगोपाल अग्रवाल को कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था। अब उन्हें अदालत में पेश किया जाना है। इस मामले में जांच एजेंसी कथित वित्तीय अनियमितताओं और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है।
रायपुर में संपत्तियां अटैच
ED की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, एजेंसी ने रामगोपाल अग्रवाल से जुड़ी लगभग 9.06 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं। इनमें रायपुर के अनुपम नगर स्थित बंगला और कटोरा तालाब क्षेत्र का फ्लैट शामिल बताए गए हैं। संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई जांच के तहत की गई है।
शराब घोटाला मामले में भी जांच
रामगोपाल अग्रवाल का नाम छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी सामने आया है। जांच एजेंसियां सरकारी शराब कारोबार में कथित अनियमितताओं, अवैध वसूली और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही हैं। इस मामले में ED ने ACB में भी FIR दर्ज कराई थी, जिसमें कथित घोटाले की रकम 3,200 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर नजर
शराब घोटाले की जांच में कई राजनेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों के नाम सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, अलग-अलग मामलों की कानूनी स्थिति और आरोपों को अलग-अलग समझना जरूरी है। रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ चल रही जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और अदालत क्या आदेश देती है, इस पर नजर बनी हुई है।
