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होर्मुज जलडमरूमध्य: होर्मुज से कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर राहत, 1.7 करोड़ बैरल तेल गुजरने का दावा; आंकड़ों पर सवाल

नई दिल्ली, 3 सितंबर 2026। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर राहत की खबर सामने आई है। अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने दावा किया है कि सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते करीब 1.7 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजरा। उनके मुताबिक, संघर्ष शुरू होने के बाद यह एक दिन में इस मार्ग से गुजरने वाली कच्चे तेल की सबसे बड़ी खेप है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां से तेल की आपूर्ति में किसी भी बड़े व्यवधान का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।

अमेरिकी दावे और शिपिंग डेटा में अंतर

हालांकि, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री के दावे को लेकर शिपिंग ट्रैकिंग डेटा में अंतर दिखाई दे रहा है। उपलब्ध ट्रैकिंग रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से केवल पांच जहाजों के गुजरने की जानकारी सामने आई है।

ऐसे में तेल की वास्तविक मात्रा को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों के लिए फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में होर्मुज के रास्ते तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की आवाजाही किस स्तर पर बनी रहती है।

सप्लाई जारी रही तो तेल की कीमतों पर घटेगा दबाव

यदि होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए कच्चे तेल की आपूर्ति लगातार बनी रहती है, तो वैश्विक बाजार में सप्लाई को लेकर बनी चिंता कुछ कम हो सकती है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है और कीमतों में तेजी का दबाव कम होने की संभावना रहेगी।

मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण पहले से ही तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे में होर्मुज के रास्ते सामान्य स्तर पर तेल की आवाजाही बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

भारत समेत एशियाई देशों को मिल सकती है राहत

कच्चे तेल की कीमतों में किसी भी बड़ी तेजी का असर भारत समेत कई तेल आयातक एशियाई देशों पर पड़ता है। तेल महंगा होने पर आयात बिल बढ़ने के साथ परिवहन और अन्य क्षेत्रों की लागत भी प्रभावित हो सकती है।

वहीं, यदि होर्मुज से तेल की आपूर्ति बनी रहती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव कम होता है, तो भारत सहित कई एशियाई अर्थव्यवस्थाओं को राहत मिल सकती है।

आगे के दिनों में सप्लाई पर रहेगी नजर

फिलहाल बाजार की नजर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों और कच्चे तेल की वास्तविक आपूर्ति पर बनी हुई है। अमेरिकी दावे और शिपिंग ट्रैकिंग डेटा में अंतर के बीच आने वाले दिनों के आंकड़े यह स्पष्ट करने में अहम होंगे कि इस प्रमुख समुद्री मार्ग से तेल की आपूर्ति वास्तव में किस स्तर पर जारी है।

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