नई दिल्ली। दिल्ली में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा कथित अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। इस मामले में दायर याचिकाओं पर प्रधान न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ विचार करेगी। पीठ में जस्टिस जयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहाना भी शामिल हैं।
छात्रों की याचिकाओं पर होगी सुनवाई
याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि 20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े गए, जिससे कई छात्र घायल हुए। याचिकाकर्ताओं ने इस कार्रवाई की न्यायिक जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने उठाया था मामला
इससे पहले 24 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए कहा था कि छात्रों के साथ हुई कथित ज्यादती बेहद गंभीर है और इस पर तत्काल सुनवाई की जानी चाहिए। इसके बाद प्रधान न्यायाधीश ने मामले को सूचीबद्ध करते हुए आज सुनवाई तय की थी।
संसद मार्च के दौरान हुआ था विवाद
यह मामला 20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित संसद मार्च से जुड़ा है, जहां प्रदर्शनकारी छात्र नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में सुधार और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया।
सरकार ने जांच का दिया आश्वासन
विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई की जांच कराने का आश्वासन दिया। वहीं, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद छात्रों ने अपना धरना और आंदोलन समाप्त कर दिया। हालांकि, पुलिस कार्रवाई को लेकर उठे सवाल अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नजर
आज होने वाली सुनवाई को लेकर छात्रों, अभिभावकों और विभिन्न छात्र संगठनों की नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं। अदालत के निर्देश इस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया और पुलिस कार्रवाई की जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
