अंबिकापुर, 8 सितंबर 2026। अंबिकापुर के कोतवाली थाने में दर्ज एक FIR को लेकर व्यापारी समाज ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की दोनों पक्षों से जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
छेड़छाड़ और एट्रोसिटी एक्ट में दर्ज है FIR
मामला 11 अगस्त का बताया जा रहा है। पुलिस में दर्ज शिकायत के आधार पर कौशल केडिया के खिलाफ छेड़छाड़ और एट्रोसिटी एक्ट सहित संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। शिकायत में दुकान पर पहुंची एक युवती के साथ कथित छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है।
हालांकि, व्यापारी समाज का कहना है कि घटना के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी भी हुई थी। उनका आरोप है कि मामले से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य सामग्री को एकतरफा तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। व्यापारियों ने पुलिस से पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर निष्कर्ष न निकालने की मांग
व्यापारियों ने एसपी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि किसी भी घटना के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे तेजी से सामने आने लगते हैं। ऐसे में केवल सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय पुलिस को दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करनी चाहिए।
व्यापारी समाज ने मामले की निष्पक्ष जांच के साथ घटनास्थल की परिस्थितियों को भी जांच में शामिल करने की मांग रखी है।
घटनास्थल का मौका निरीक्षण कराने की मांग
ज्ञापन में व्यापारियों ने FIR में बताए गए कथित घटनास्थल यानी दुकान के गोदाम का तत्काल मौका निरीक्षण कराने की मांग की है। इसके साथ ही मौके की वास्तविक स्थिति का पंचनामा तैयार करने और स्वतंत्र गवाहों के बयान दर्ज करने की मांग भी की गई है।
व्यापारियों ने पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ और निष्पक्ष अधिकारी से कराने की मांग की है। साथ ही अधिकतम सात दिनों के भीतर जांच का स्पष्ट निष्कर्ष सामने लाने की मांग रखी गई है।
आरोप साबित नहीं हुए तो FIR पर कार्रवाई की मांग
व्यापारी समाज का कहना है कि यदि जांच के दौरान लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं, तो कानून के अनुसार FIR निरस्त करने या प्रकरण समाप्त करने की कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं, व्यापारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे। इसके तहत दो दिनों तक प्रतिष्ठान बंद रखने की चेतावनी भी दी गई है।
अब पुलिस जांच पर टिकी नजर
FIR को लेकर व्यापारी समाज और पुलिस प्रशासन के बीच मामला गरमाता नजर आ रहा है। फिलहाल व्यापारी पुलिस प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
