रायपुर। मां करणी के 639वें अवतरण दिवस को लेकर क्षत्रिय करणी सेना ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष मां करणी का अवतरण दिवस 17 अक्टूबर को मनाया जाएगा। राजस्थान के देशनोक स्थित प्रसिद्ध करणी माता मंदिर में मुख्य आयोजन होगा। वहीं, रायपुर में भी मां करणी की विशेष पूजा-अर्चना सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
आयोजन की तैयारियां क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजसिंह शेखावत तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष किसान नेता वीरेंद्र सिंह तोमर के मार्गदर्शन में शुरू की गई हैं। देशनोक में मां करणी के अवतरण दिवस के अवसर पर प्रतिवर्ष भव्य शोभायात्रा, रात्रि जागरण और विशेष दर्शन-पूजन का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर देश-विदेश में रहने वाले मां करणी के श्रद्धालु भी अपने-अपने स्तर पर पूजा-अर्चना कर आस्था प्रकट करते हैं।
मां करणी के भक्त कैप्टन सज्जन सिंह, राजोद, जायल, नागौर (राजस्थान) के अनुसार धार्मिक मान्यता है कि मां करणी करीब 151 वर्ष, 6 महीने और 2 दिन तक सशरीर धरती पर विराजमान रहीं। बताया जाता है कि जैसलमेर-बीकानेर सीमा के पास धिनोकरणी नामक स्थान पर जल ग्रहण करने के बाद उन्होंने ज्योतिर्लीन रूप धारण किया था।
सज्जन सिंह के अनुसार, महाप्रयाण की तिथि के पांचवें दिन चैत्र शुक्ल चतुर्दशी, विक्रम संवत 1595 को माता के आदेशानुसार उनकी मूर्ति को देशनोक स्थित निज मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया था। इसके बाद से देशनोक सहित विभिन्न स्थानों पर मां करणी की पूजा-अर्चना की जाती रही है।
क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि इस बार रायपुर में भी मां करणी के अवतरण दिवस को विशेष रूप से मनाने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि रायपुर में आयोजन कहां, कब और किस स्वरूप में होगा, इसे लेकर रणनीति बनाई जा रही है।
कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा तय होने के बाद इसकी विस्तृत जानकारी अलग से साझा की जाएगी। मां करणी के अवतरण दिवस को लेकर श्रद्धालुओं और करणी सेना से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल है। में तैयारी
