रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता और छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के चेयरमैन विकास मरकाम ने भगत के बयानों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पर आदिवासी हितों, हसदेव अरण्य और तारा कोल ब्लॉक के मुद्दे पर निशाना साधा है।
मरकाम ने तंज कसते हुए कहा कि नाम ‘सुखदेव’ है, लेकिन पहली ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में वे ‘झूठदेव’ बन गए। उन्होंने कांग्रेस पर अपने शासनकाल के दौरान आदिवासी हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और पार्टी की मौजूदा नीतियों पर सवाल उठाए।
आदिवासी मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर हमला
विकास मरकाम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आदिवासियों से जुड़े कई मुद्दों पर उनके हित प्रभावित हुए। उन्होंने 32 प्रतिशत आरक्षण, तेंदूपत्ता खरीदी, चरण पादुका योजना और आदिवासी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
मरकाम ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आदिवासी राष्ट्रपति और आदिवासी मुख्यमंत्री के प्रति सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और इनके संबंध में कांग्रेस का पक्ष अलग हो सकता है।
तारा कोल ब्लॉक को लेकर भी साधा निशाना
विकास मरकाम ने सुखदेव भगत की ओर से तारा कोल ब्लॉक और हसदेव अरण्य को लेकर उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर हसदेव में खनन को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
वहीं, तारा कोल ब्लॉक को लेकर सितंबर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी राज्य सरकार पर सवाल उठाए थे। दूसरी ओर, केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि 2023 में हसदेव क्षेत्र के ब्लॉकों को नीलामी से बाहर करने के बाद दिसंबर 2025 में छत्तीसगढ़ सरकार के पत्र और ब्लॉक की सीमा में बदलाव के बाद तारा (रिवाइज्ड) कोल ब्लॉक की नीलामी की गई।
मरकाम ने कांग्रेस के उस समय के रुख और मौजूदा विरोध को लेकर सवाल खड़े किए और कहा कि विपक्ष में रहते हुए पार्टी अब जिस मुद्दे का विरोध कर रही है, उस पर उसे अपने पुराने फैसलों का भी जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस की गुटबाजी पर भी कसा तंज
विकास मरकाम ने सुखदेव भगत को कांग्रेस संगठन पर ध्यान देने की नसीहत भी दी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कई गुटों में बंटी हुई है और नए प्रदेश प्रभारी को सबसे पहले संगठन के भीतर की खींचतान दूर करने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनावों में कथित लेन-देन और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग करते हुए कांग्रेस से जुड़े नेताओं पर लगे विभिन्न घोटालों के आरोपों का भी जिक्र किया।
भाजपा सरकार की योजनाएं गिनाईं
मरकाम ने इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, लखपति दीदी, नियद नेल्लानार, नल-जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन और तेंदूपत्ता खरीदी जैसी योजनाओं को सरकार की उपलब्धियों के तौर पर गिनाया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए काम कर रही है और कांग्रेस को सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाने के बजाय अपने संगठन और राजनीतिक मुद्दों पर आत्ममंथन करना चाहिए।
सुखदेव भगत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए थे कई मुद्दे
सुखदेव भगत ने 27 सितंबर को रायपुर में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य सरकार और केंद्र से जुड़े कई मुद्दे उठाए थे। उन्होंने हसदेव अरण्य, आदिवासी अधिकार, रोजगार, खनिज संसाधनों और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे।
इसी के बाद भाजपा की ओर से भगत के बयानों पर पलटवार किया गया है। तारा कोल ब्लॉक और हसदेव अरण्य को लेकर आने वाले दिनों में कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।
