दुबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रन से हराकर महिला एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। हालांकि, मैदान पर मिली इस शानदार जीत के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन समारोह विवादों में घिर गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद टीम प्रेजेंटेशन मंच पर भी नहीं पहुंची और ट्रॉफी समारोह को लेकर काफी देर तक असमंजस की स्थिति बनी रही।
श्रीलंका को 72 रन से हराकर रचा इतिहास
फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 183 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। भारत की ओर से स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शानदार पारियां खेलीं। इसके जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 111 रन पर सिमट गई। भारतीय गेंदबाजों में श्री चरणी ने प्रभावी प्रदर्शन करते हुए चार विकेट हासिल किए।
भारत ने 72 रन की बड़ी जीत के साथ खिताब अपने नाम किया और महिला एशिया कप में अपना दबदबा एक बार फिर साबित किया।
ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं पहुंची टीम इंडिया
मैच खत्म होने के बाद जब ट्रॉफी प्रेजेंटेशन की बारी आई तो विवाद शुरू हो गया। रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी स्वीकार नहीं करने का फैसला किया। टीम की ओर से ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं आने के बाद प्रेजेंटेशन प्रक्रिया प्रभावित हुई।
यह घटनाक्रम इसलिए भी चर्चा में आ गया क्योंकि नकवी ACC के चेयरमैन होने के साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख और पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं।
स्टेडियम में लगे ‘ट्रॉफी चोर’ के नारे
ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान स्टेडियम में मौजूद कुछ दर्शकों ने मोहसिन नकवी के खिलाफ ‘ट्रॉफी चोर’ के नारे भी लगाए। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गईं।
भारतीय टीम ने हालांकि विवाद के बावजूद अपनी जीत का जश्न मनाया और चैंपियन बनने की खुशी टीम के साथियों और सपोर्ट स्टाफ के साथ साझा की।
2025 के पुरुष एशिया कप की याद हुई ताजा
महिला टीम का यह फैसला 2025 के पुरुष एशिया कप के दौरान हुए विवाद की याद दिलाता है। उस समय भी भारतीय पुरुष टीम ने एशिया कप जीतने के बाद मोहसिन नकवी से ट्रॉफी और मेडल लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद भारतीय टीम ने बिना ट्रॉफी के ही अपनी जीत का जश्न मनाया था।
अब महिला टीम के फाइनल के बाद सामने आए घटनाक्रम ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े तनाव और खेल आयोजनों में राजनीतिक पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर बहस को एक बार फिर तेज कर दिया है।
पाकिस्तानी मीडिया में भी चर्चा तेज
भारतीय महिला टीम की जीत के साथ-साथ ट्रॉफी प्रेजेंटेशन का विवाद भी पाकिस्तानी मीडिया में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर दोनों देशों के क्रिकेट प्रशंसकों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
हालांकि, मैदान पर भारतीय टीम का प्रदर्शन पूरी तरह निर्णायक रहा। श्रीलंका को 72 रन से हराकर टीम इंडिया ने आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब जीत लिया और एक बार फिर एशियाई क्रिकेट में अपनी बादशाहत साबित की।
