रायपुर। क्षत्रिय करणी सेना परिवार ने अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज सुश्री नीरू ढांडा की ऐतिहासिक स्वर्णिम सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजसिंह शेखावत और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने नीरू ढांडा की उपलब्धि को बेटियों की शक्ति और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताया है।
हाल ही में इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन (ISSF) द्वारा इटली के लोनाटो शहर में आयोजित शॉटगन वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में सुश्री नीरू ढांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है।
ISSF शॉटगन वर्ल्ड कप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय शूटर
डॉ. राजसिंह शेखावत और वीरेंद्र सिंह तोमर ने सुश्री नीरू ढांडा को बधाई देते हुए कहा कि वह इस इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय शूटर बनी हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता देश की लाखों बेटियों को आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।
दोनों नेताओं ने कहा कि नीरू ढांडा ने भारत के साथ-साथ अपनी जन्मभूमि हरियाणा और कर्मभूमि मध्यप्रदेश का भी गौरव बढ़ाया है। उनकी मेहनत और उपलब्धि यह संदेश देती है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में देश का नाम रोशन करने की क्षमता रखती हैं।
भारतीय सेना से जुड़ी हैं नीरू ढांडा
सुश्री नीरू ढांडा का जन्म हरियाणा के जींद जिले के संगतपुरा गांव में हुआ था। वर्तमान में वह अपने परिवार के साथ मध्यप्रदेश के शिवपुरी में रह रही हैं। वह आर्मी मार्क्समैनशिप यूनिट, महू (इंदौर) में प्रशिक्षण ले रही हैं और भारतीय सेना के कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं। जल्द ही उनके सूबेदार पद पर पदोन्नत होने की संभावना है।
सम्मान समारोह के लिए सेना और परिवार से संपर्क करेंगे
करणी सेना परिवार ने सुश्री नीरू ढांडा के सम्मान की इच्छा जताई है। डॉ. राजसिंह शेखावत और वीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि सम्मान समारोह के लिए उनके परिवार और संबंधित सैन्य इकाई से अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बेटियों के सम्मान और सामाजिक जागरूकता का संदेश
इस दौरान डॉ. राजसिंह शेखावत और वीरेंद्र सिंह तोमर ने हरियाणा में लिंगानुपात और कन्या भ्रूण हत्या जैसे सामाजिक मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नीरू ढांडा जैसी बेटियों की सफलता समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश देती है।
उन्होंने कहा कि बेटियों को अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर वे देश और समाज का गौरव बढ़ा सकती हैं। नीरू ढांडा की स्वर्णिम उपलब्धि महिला सशक्तिकरण और बेटी सम्मान की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
