भोपाल। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में सरकार ने एक अहम कदम बढ़ाया है। राज्य सरकार द्वारा गठित समिति ने अपनी विस्तृत ड्राफ्ट रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंप दी है। रिपोर्ट में UCC लागू करने के लिए विस्तृत कानूनी ढांचा तैयार किया गया है। साथ ही अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) को इसके दायरे से बाहर रखने की सिफारिश भी की गई है।
समिति ने तैयार किया व्यापक ड्राफ्ट
जानकारी के अनुसार, समिति ने अपनी रिपोर्ट को कई चरणों में तैयार किया है। इसमें देश और विदेश में लागू समान कानूनों, मध्य प्रदेश के मौजूदा कानूनी प्रावधानों तथा विभिन्न राज्यों के अनुभवों का अध्ययन करने के बाद सिफारिशें शामिल की गई हैं। ड्राफ्ट बिल में चार भाग, 404 धाराएं और सात अनुसूचियां प्रस्तावित की गई हैं, जिससे UCC लागू करने के लिए एक विस्तृत कानूनी व्यवस्था तैयार हो सके।
आदिवासी समुदाय को दायरे से बाहर रखने की सिफारिश
रिपोर्ट की सबसे महत्वपूर्ण सिफारिशों में अनुसूचित जनजातियों को UCC के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव शामिल है। समिति का मानना है कि आदिवासी समुदाय की पारंपरिक सामाजिक और सांस्कृतिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उन्हें विशेष छूट दी जा सकती है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार और मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद बढ़ेगी प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट का पहले वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति द्वारा परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद इसे राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद सरकार UCC विधेयक को विधानसभा में पेश कर सकती है। यदि विधेयक पारित होता है, तो मध्य प्रदेश इस दिशा में कदम बढ़ाने वाले राज्यों में शामिल हो जाएगा।
जनता से भी लिए गए सुझाव
सरकार ने ड्राफ्ट तैयार करने के दौरान व्यापक जनभागीदारी पर भी जोर दिया। जिला स्तर, राज्य स्तर और ऑनलाइन माध्यम से लोगों के सुझाव आमंत्रित किए गए। समिति ने प्राप्त सुझावों और विभिन्न पक्षों की राय का अध्ययन करने के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की है।
क्या होगा UCC का उद्देश्य?
समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति जैसे नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। हालांकि, इसके स्वरूप और दायरे को लेकर अंतिम निर्णय सरकार द्वारा ड्राफ्ट रिपोर्ट की समीक्षा और कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।
अब सरकार के फैसले पर नजर
मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर है। यदि कैबिनेट इस ड्राफ्ट को मंजूरी देती है, तो मध्य प्रदेश में UCC लागू करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ सकती है। वहीं, आदिवासी समुदाय को प्रस्तावित छूट को लेकर भी अंतिम फैसला सरकार द्वारा विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।
