रायपुर। स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव द्वारा वेटलिफ्टिंग में रजत पदक जीतकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाने पर पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राष्ट्रीय क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष भाई वीरेन्द्र सिंह तोमर ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि ज्ञानेश्वरी ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और संघर्ष के दम पर यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां किसी भी मंच पर देश का नाम रोशन करने में सक्षम हैं।
भाई वीरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव की यह उपलब्धि केवल एक खिलाड़ी की सफलता नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के आत्मसम्मान और गौरव का विषय है। उनकी सफलता प्रदेश की लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी और खेलों के प्रति नई ऊर्जा एवं विश्वास पैदा करेगी। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की हर बेटी ज्ञानेश्वरी के संघर्ष और सफलता से सीख लेकर अपने सपनों को साकार करने का संकल्प ले सकती है।
पिता विनोद यादव को फोन कर दी बधाई
ज्ञानेश्वरी यादव की सफलता का समाचार मिलते ही भाई वीरेन्द्र सिंह तोमर ने उनके पिता विनोद यादव से दूरभाष पर संपर्क कर राष्ट्रीय क्षत्रिय करणी सेना, प्रदेशभर के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने अपने परिवार, समाज, छत्तीसगढ़ और पूरे भारत का सम्मान अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया है।तोमर ने यह भी घोषणा की कि ज्ञानेश्वरी यादव के स्वदेश लौटने के बाद राष्ट्रीय क्षत्रिय करणी सेना द्वारा उनका सार्वजनिक एवं भव्य सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतिभाओं का सम्मान करना समाज का दायित्व है, ताकि अन्य युवाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सके।
संघर्ष, समर्पण और मेहनत की मिसाल हैं ज्ञानेश्वरी
राजनांदगांव निवासी ज्ञानेश्वरी यादव वर्तमान में छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स की 53 किलोग्राम महिला वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में कुल 199 किलोग्राम (स्नैच 88 किलोग्राम एवं क्लीन एंड जर्क 111 किलोग्राम) वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया और भारत को गौरवान्वित किया।ज्ञानेश्वरी के पिता विनोद यादव ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे वर्षों का कठिन संघर्ष, अनुशासन और अथक मेहनत रही है। उन्होंने भावुक होकर बताया कि परिवार इस समय एक कठिन परिस्थिति से भी गुजर रहा है। उनके पुत्र रितेश यादव सड़क दुर्घटना में घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं, जिसके कारण पूरा परिवार उनकी देखभाल में लगा हुआ है। इसी वजह से वे बेटी की इस बड़ी सफलता का जश्न अभी नहीं मना पाए हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी के घर लौटने पर पूरे परिवार, रिश्तेदारों और गांववासियों के साथ मिलकर इस गौरवपूर्ण उपलब्धि का उत्सव मनाया जाएगा।
भोड़िया गांव से लेकर पूरे प्रदेश में जश्न का माहौल
ज्ञानेश्वरी यादव की सफलता की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव भोड़िया, राजनांदगांव सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है। लोग एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर और शुभकामनाएं देकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्सव मना रहे हैं। खेल प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने भी ज्ञानेश्वरी की इस सफलता को प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया है।अंत में राष्ट्रीय क्षत्रिय करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष भाई वीरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा, “ज्ञानेश्वरी यादव ने यह साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों को नहीं रोक सकतीं। उनकी सफलता हर उस बेटी के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखती है। राष्ट्रीय क्षत्रिय करणी सेना सदैव ऐसी प्रतिभाओं के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।”
