इंटरनेशनल डेस्क | पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को लेकर अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की एक रिपोर्ट विवादों में आ गई है। अखबार ने अपनी हेडलाइन में PoK को “Pakistani Kashmir” (पाकिस्तानी कश्मीर) बताया, जिस पर अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy) ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।भारतीय दूतावास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “पाकिस्तानी कश्मीर” जैसा कोई क्षेत्र अस्तित्व में नहीं है। सही शब्द “Pakistan-occupied Kashmir (PoK)” यानी पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाला कश्मीर है। दूतावास ने NYT की हेडलाइन को गलत, भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से अस्वीकार्य बताया।
क्या है पूरा मामला?
विवाद उस समय शुरू हुआ जब NYT ने PoK में स्थानीय चुनाव और हालिया हिंसक घटनाओं पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की। रिपोर्ट के अनुसार, मीरपुर में पुलिस और जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। JAAC ने पुलिस पर कथित अत्याचार का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि गोलीबारी में कम से कम दो लोगों की मौत हुई, जबकि ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान (HRCP) ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
NYT ने दावों की पुष्टि नहीं की
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पिछले कुछ सप्ताहों से जारी हिंसा का असर स्थानीय चुनावों पर पड़ा है और कई लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि, NYT ने यह भी स्पष्ट किया कि JAAC द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित अधिकारियों ने भी इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
भारत ने दोहराया अपना रुख
भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और हमेशा रहेंगे। दूतावास ने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान ने इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जा कर रखा है और वहां रहने वाले लोगों के मानवाधिकारों के उल्लंघन तथा उनकी आवाज दबाने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं।भारत की इस कड़ी प्रतिक्रिया के बाद एक बार फिर PoK की अंतरराष्ट्रीय पहचान और शब्दावली को लेकर बहस तेज हो गई है। भारतीय पक्ष का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया को इस संवेदनशील मुद्दे पर तथ्यात्मक और सटीक शब्दों का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
