वॉशिंगटन/तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ट्रंप प्रशासन ईरान पर नए और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया है कि इन प्रतिबंधों से जुड़ी अहम जानकारी सोमवार को सार्वजनिक की जा सकती है। इस ऐलान के बाद दोनों देशों के बीच पहले से जारी तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ईरान ने भी दी कड़ी चेतावनी
अमेरिकी प्रतिबंधों की संभावित घोषणा के बीच ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी नए खतरे का जवाब देने के लिए तैयार है। ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने कहा कि किसी भी नए खतरे का जवाब जमीन, समुद्र, हवा, एयर डिफेंस और साइबर मोर्चे पर दिया जाएगा।
ईरान के इस बयान को अमेरिका के लिए सीधी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद राजनीतिक और सैन्य तनाव के बीच अब आर्थिक प्रतिबंधों और संभावित जवाबी कार्रवाई ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट पर दुनिया की नजर
इस पूरे घटनाक्रम में होर्मुज स्ट्रेट सबसे अहम केंद्र बना हुआ है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव, आवाजाही में बाधा या संकट पैदा होने की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय तेल कारोबार और ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
ऐसे में अमेरिका के नए प्रतिबंधों और ईरान की जवाबी चेतावनी के बीच दुनिया की नजर अब सोमवार को होने वाली अमेरिकी घोषणा पर टिकी है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के रुख से यह तय होगा कि तनाव और बढ़ता है या फिर बातचीत के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने की कोई कोशिश होती है।
