अयोध्या। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ट्रस्ट के पहले CEO बनाए गए रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने गुरुवार को औपचारिक रूप से अपना पदभार संभाल लिया। उनके आने के साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर बनाने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
पहली बार CEO पद पर हुई नियुक्ति
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार CEO पद का गठन करते हुए रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले वह भारतीय वायुसेना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
ट्रस्ट की ओर से उन्हें मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कार्यों और बढ़ती व्यवस्थाओं के बेहतर संचालन की जिम्मेदारी दी गई है।
मदद के लिए बनाई जाएगी नई टीम
CEO जितेंद्र मिश्रा के काम को आसान बनाने और ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल्द ही Joint CEO और Deputy CEO जैसे पदों पर नियुक्तियां की जा सकती हैं।
ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि के मुताबिक, चयन समिति ने कुछ संभावित नामों का पैनल तैयार किया है। जरूरत और काम के विस्तार को देखते हुए इनमें से उपयुक्त लोगों की नियुक्ति की जाएगी।
CEO की जिम्मेदारियां होंगी अहम
ट्रस्ट की प्रशासनिक गतिविधियों के बढ़ते दायरे को देखते हुए CEO का पद काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंदिर से जुड़े विभिन्न कार्यों में समन्वय, प्रशासनिक व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में CEO की भूमिका अहम होगी।
ट्रस्ट की ओर से CEO की जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली को स्पष्ट करने के लिए एक SOP (Standard Operating Procedure) तैयार किए जाने की भी बात कही गई है।
जितेंद्र मिश्रा का लंबा सैन्य अनुभव
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के अनुभवी अधिकारी रहे हैं। वह फाइटर पायलट के तौर पर भी सेवाएं दे चुके हैं और कई महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
वह अप्रैल 2026 में वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद अब उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राम मंदिर को लेकर ट्रस्ट की बड़ी तैयारी
ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा है कि अयोध्या को दुनिया की सांस्कृतिक राजधानी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। ऐसे में मंदिर और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं का विस्तार होने के साथ प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है।
CEO के साथ नई टीम की नियुक्ति इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में Joint CEO और Deputy CEO की नियुक्ति के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
