नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जंतर-मंतर पर युवाओं के विरोध प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर निशाना साधा है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि दिपके वास्तव में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े कार्यकर्ता हैं और छात्र नेता के तौर पर युवाओं के आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।
रिजिजू ने समाचार एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों की शिकायतों और उनकी चिंताओं को सरकार गंभीरता से देखती है। हालांकि, उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे युवाओं के वास्तविक मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने और आंदोलनों को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहे हैं।
‘युवाओं के मुद्दों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश’
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के पीछे युवाओं की वास्तविक समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन विपक्षी दल इन मुद्दों का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका निशाना खास तौर पर अभिजीत दिपके और CJP की भूमिका पर रहा।
CJP की ओर से इससे पहले शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया था। जून 2026 में संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
Gen Z से BJP के जुड़ाव का भी किया जिक्र
रिजिजू ने इस दौरान BJP और नई पीढ़ी के बीच संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि BJP परिवार-केंद्रित संवाद और अलग-अलग पीढ़ियों के बीच लगातार बातचीत के माध्यम से Gen Z के साथ बेहतर संबंध बनाने की कोशिश करती है।
रिजिजू के बयान के बाद CJP और BJP के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। वहीं, दिपके की राजनीतिक संबद्धता और आंदोलन की प्रकृति को लेकर भी बहस जारी है। उपलब्ध रिपोर्टों में रिजिजू की ओर से लगाए गए AAP से जुड़े होने के आरोप का उल्लेख है, लेकिन इसे उनके आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
