मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के किसानों को एक बड़ी राहत देते हुए कृषि कर्जमाफी योजना की पात्रता शर्तों को काफी उदार बना दिया है। सरकार के इस कदम से राज्य के लाखों किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने सरकार के इस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया है और इसे किसानों के संघर्ष की जीत बताया है।
क्या हैं बदलाव और किसे मिलेगा फायदा?
सरकार द्वारा नियमों में किए गए इस बड़े बदलाव के बाद अब उन किसानों को बड़ी राहत मिलेगी जो पहले तकनीकी और सख्त शर्तों के कारण इस योजना के दायरे से बाहर हो गए थे।
50 हजार की सीमा में बदलाव: शरद पवार ने बताया कि इससे पहले, साल 2019 की ‘महात्मा ज्योतिराव फुले शेतकरी कर्जमुक्ति योजना’ का लाभ लेने वाले किसानों के लिए अधिकतम राहत राशि केवल 50 हजार रुपये तक ही सीमित थी। सरकार के नए फैसले से अब इस मोर्चे पर किसानों को बड़ी राहत मिलने वाली है।लाखों किसानों को मिलेगी मदद: इस ढील के बाद कर्ज के बोझ तले दबे उन लाखों अतिरिक्त किसानों के खाते में राहत पहुंच सकेगी, जो लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे।
शरद पवार ने जताया आभार, किसानों को दी बधाई
इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए वरिष्ठ नेता शरद पवार ने कहा कि यह बदलाव उन सभी किसान संगठनों, विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है, जिन्होंने इन कठिन शर्तों के खिलाफ लगातार अपनी आवाज बुलंद की थी। उन्होंने इस बदलाव के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोगों को बधाई दी।शरद पवार ने विशेष रूप से उन किसान प्रतिनिधियों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस मुद्दे को लगातार सरकार के सामने तार्किक ढंग से रखा, जिसके कारण आखिरकार सरकार को यह जनहितैषी फैसला लेना पड़ा।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों और किसानों की नाराजगी को दूर करने के लिए फडणवीस सरकार का यह फैसला बेहद अहम साबित हो सकता है। विपक्षी नेताओं द्वारा इस फैसले का स्वागत करना यह दर्शाता है कि ग्रामीण और कृषि प्रधान क्षेत्रों में किसानों से जुड़े मुद्दे इस समय सबसे ऊपर हैं।
