रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब राशन लेने के लिए हितग्राहियों को हर बार राशन दुकान की लंबी कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को तकनीक से जोड़ते हुए राज्य में ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की शुरुआत की गई है। पहले चरण में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में तीन ग्रेन एटीएम लगाए गए हैं। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने शनिवार को इन मशीनों का ऑनलाइन शुभारंभ किया।
नई व्यवस्था के तहत पात्र राशनकार्डधारी आधार या राशनकार्ड नंबर और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए मशीन से निर्धारित मात्रा में चावल प्राप्त कर सकेंगे। इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हितग्राही अपनी सुविधा के अनुसार 24 घंटे राशन ले सकेंगे।
अब राशन दुकान के समय की नहीं रहेगी पाबंदी
ग्रेन एटीएम की सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी मानी जा रही है, जो काम या अन्य कारणों से राशन दुकान के निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पाते। कामकाजी लोगों, श्रमिकों, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले हितग्राहियों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है।
मशीन पर हितग्राही की पहचान बायोमेट्रिक तरीके से सत्यापित होने के बाद राशन कार्ड में दर्ज पात्रता के अनुसार चावल अपने आप बाहर आएगा। इससे राशन वितरण की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है।
2.73 करोड़ लोगों को मिलेगा तकनीकी व्यवस्था का फायदा
छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दायरे में करीब 2.73 करोड़ लोग शामिल हैं। राज्य में लगभग 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलन में हैं। इनमें करीब 73.41 लाख प्राथमिकता वाले परिवारों को निःशुल्क चावल उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि लगभग 8.50 लाख एपीएल राशन कार्डधारियों को रियायती दर पर चावल दिया जाता है।
इतनी बड़ी आबादी को खाद्यान्न उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था में ग्रेन एटीएम जैसी तकनीक को शामिल करने से वितरण प्रक्रिया को अधिक आसान और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।
‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ से भी जुड़ी सुविधा
‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ को वन नेशन, वन राशन कार्ड व्यवस्था से जोड़ा गया है। इसका मतलब है कि दूसरे राज्यों के पात्र राशनकार्डधारी भी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से इन मशीनों से अपना निर्धारित खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे।
इस सुविधा का लाभ खास तौर पर प्रवासी मजदूरों और दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले पात्र हितग्राहियों को मिल सकता है।
2500 किलो तक चावल रखने की क्षमता
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित इन ग्रेन एटीएम की भंडारण क्षमता करीब 2500 किलोग्राम बताई गई है। मशीन में चावल की लोडिंग स्वचालित प्रणाली से होगी। हितग्राही का बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा होने के बाद उसके राशन कार्ड में निर्धारित मात्रा के अनुसार चावल मशीन से बाहर निकलेगा।
राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
सरकार के अनुसार, ग्रेन एटीएम का उद्देश्य केवल राशन लेने की प्रक्रिया को आसान बनाना नहीं है, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी दक्षता बढ़ाना भी है। मशीन आधारित वितरण से मानवीय हस्तक्षेप कम होने और खाद्यान्न की निगरानी बेहतर होने की उम्मीद है।
