ओमान तट के निकट अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में एक तेल टैंकर पर हुए भीषण हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नाविक का पार्थिव शरीर आखिरकार सुरक्षित रूप से बंदरगाह (पोर्ट) पर लाया गया है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों और भारतीय राजनयिकों के कड़े प्रयासों के बाद नाविक के शव को वापस लाया जा सका है, जहाँ से अब उसे पूरे सम्मान के साथ भारत (वतन) भेजने की कानूनी और आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- समंदर में हुआ था कायरतापूर्ण हमला
मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दिनों पहले ओमान के तटीय इलाके के पास से गुजर रहे एक कमर्शियल ऑयल टैंकर (तेल वाहक जहाज) को निशाना बनाकर हमला किया गया था। इस अप्रत्याशित और हिंसक हमले में जहाज पर तैनात भारतीय चालक दल (Crew Member) के एक नाविक की मौत हो गई थी। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समुद्री मार्गों (Shipping Lanes) पर वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
- दूतावास और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से वापसी
घटना के बाद से ही भारतीय विदेश मंत्रालय और ओमान में स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय अधिकारियों और जहाज कंपनी के संपर्क में थे। समुद्री क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थितियों और कानूनी औपचारिकताओं के बीच नाविक के पार्थिव शरीर को सबसे पहले नजदीकी सुरक्षित पोर्ट पर लाया गया।
- पीड़ित परिवार में कोहराम, पूरे देश में शोक की लहर
जैसे ही भारतीय नाविक के पार्थिव शरीर को पोर्ट पर लाए जाने की खबर भारत में उनके गृह नगर पहुंची, परिवार और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया। देश के लिए दूर समंदर में अपनी सेवाएं दे रहे इस वीर नाविक की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है। परिजनों ने सरकार से मांग की है कि कागजी कार्रवाई को जल्द से जल्द पूरा कर शव को हवाई मार्ग से भारत लाया जाए ताकि वे अंतिम संस्कार कर सकें।
- समुद्री मार्गों पर बढ़ता खतरा: एक गंभीर चिंता
हालिया समय में ओमान, लाल सागर और अदन की खाड़ी के आसपास के समुद्री क्षेत्रों में व्यापारिक जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। इन हमलों में मर्चेंट नेवी (Merchant Navy) के निर्दोष नाविकों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। भारतीय नौसेना (Indian Navy) और अंतरराष्ट्रीय टास्क फोर्स लगातार इन क्षेत्रों में गश्त बढ़ा रही है, फिर भी इस तरह के हादसे वैश्विक व्यापार और नाविकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बने हुए हैं।