बिलासपुर (रामपुर)। बिहार पुलिस द्वारा एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की मौत को लेकर उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बिलासपुर में भारी आक्रोश है। सोमवार देर शाम स्थानीय हिंदू समाज और जागरूक नागरिकों ने एक विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। सभा में वक्ताओं ने बिहार पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे ‘एनकाउंटर’ नहीं बल्कि ‘सोची-समझी हत्या’ करार दिया। नागरिकों ने दिवंगत तिवारी को ‘शहीद’ का दर्जा देते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मोमबत्तियां जलाकर दी गई श्रद्धांजलि
कस्बा राजपुर रोड स्थित एक मैरिज हॉल परिसर में आयोजित इस सभा में भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए। सभा में बिहार के भोजपुर जिले (शाहपुर थाना क्षेत्र, बिलौटी गांव) के निवासी भरत भूषण तिवारी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई। उपस्थित जनसमूह ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
“सच की आवाज दबाने के लिए किया एनकाउंटर”
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भरत भूषण तिवारी व्यवस्था की बुराइयों के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाते थे। वे एक सच्चे देशभक्त थे, जिनकी आवाज को दबाने के लिए भोजपुर पुलिस ने एनकाउंटर का बहाना बनाकर उनकी हत्या कर दी।
क्षेत्र के प्रमुख गणमान्य नागरिक रहे मौजूद
कार्यक्रम का कुशल संचालन शिव प्रकाश तिवारी ने किया। इस दौरान व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए समाज के हर वर्ग के लोग पहुंचे।
सभा में मुख्य रूप से पालिका सभासद बलविंदर सिंह, सभासद पति राजू सैनी, राष्ट्रीय गरीब कल्याण संघ के अध्यक्ष प्रेम नरेश वाल्मीकि, पंडित मनीष शास्त्री, रोहित शर्मा, प्यारेलाल सैनी, राजकुमार, हरदीप सिंह, गंगाराम, पंकज भारद्वाज, हरिराम, सतीश चंद्र गुप्ता, संतोष यादव, विशाल वर्मा, हरकेश वर्मा, जय यादव, देव प्रसाद, जग प्रसाद, अंकित कुमार और सूरज कुमार सहित लगभग सौ से अधिक जागरूक नागरिक उपस्थित रहे।
