नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह अपने आधिकारिक आवास पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हुए नए सांसदों के साथ एक विशेष ‘चाय पर चर्चा’ बैठक की। इस बैठक में सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा बने नए सांसदों और अन्य दलों से आए जन प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में शामिल हुए ये सांसद
बैठक में हाल ही में एनडीए का हिस्सा बने सांसद मौजूद रहे, जिनमें एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और एनसीपीआई (तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद) के सांसद शामिल थे। बैठक के बाद सांसद शताब्दी रॉय ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी नए सांसदों का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया।
संसदीय कार्यप्रणाली और विकास पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सांसदों को उनकी नई संसदीय जिम्मेदारियों का अहसास कराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि:
- क्षेत्रीय विकास प्राथमिकता हो: सांसद अपने-अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों और जनता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें।
- सीखने की प्रक्रिया जारी रखें: नए सांसदों को संसद की कार्यप्रणाली, नियमों और बहसों से लगातार सीखते रहने की सलाह दी गई।
PM मोदी की नए सांसदों को अहम सलाह
प्रधानमंत्री ने सांसदों को राजनीतिक व संसदीय जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए तीन प्रमुख मंत्र दिए:
- विपक्ष से बेहतर संवाद: पीएम ने सलाह दी कि राजनीति से इतर विपक्ष के नेताओं और सांसदों के साथ भी अच्छे व मधुर संबंध बनाए रखें।
- सियासी नैरेटिव से बचें: उन्होंने सांसदों को आगाह किया कि वे दिल्ली के राजनीतिक नैरेटिव या मीडिया हाइप के जाल में न फंसें और अपना ध्यान मुख्य मुद्दों पर ही केंद्रित रखें।
- जनता से जुड़ाव: दिल्ली की राजनीति में उलझने के बजाय अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों से जुड़ाव बनाए रखना ही सबसे बड़ी ताकत है।
इस बैठक को एनडीए के कुनबे को मजबूत करने और नए सांसदों को संसदीय गरिमा व व्यावहारिक राजनीति का पाठ पढ़ाने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
