नई दिल्ली/मुंबई: वैश्विक कमोडिटी मार्केट (Global Commodity Market) में मची भारी हलचल के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में एक बार फिर रौनक लौट आई है। पिछले दिनों घरेलू बाजार में आई बड़ी मंदी के बाद अब विदेशी बाजार (COMEX) के सपोर्ट से सोने और चांदी की कीमतों में शानदार रिकवरी दर्ज की जा रही है। इस अचानक आई तेजी ने जहां निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं, वहीं शादियों के सीजन में खरीदारी करने वालों को थोड़ा झटका लगा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार यानी कॉमेक्स (COMEX) पर आज सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ तेजी देखी गई है:
- सोना (Gold): कॉमेक्स पर सोना +3.06% की मजबूत बढ़त के साथ $4,239.90 प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है।
- चांदी (Silver): चांदी की कीमतों में +6.44% का भारी उछाल आया है, जिससे इसके दाम $68.120 प्रति औंस के स्तर पर आ गए हैं।
विदेशी बाजारों में आई इस अप्रत्याशित तेजी का सीधा असर अब भारतीय सर्राफा बाजार पर दिखने लगा है, जिससे पिछले कई दिनों से जारी गिरावट पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है।
- पिछले दिनों आई थी भारी गिरावट, खरीदारों को मिली थी राहत
इस ताजा उछाल से ठीक पहले भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली थी। आंकड़ों के मुताबिक:
- घरेलू बाजार में सोना करीब ₹1,600 प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ गया था।
- चांदी के दामों में ₹5,000 प्रति किलो तक की बड़ी मंदी देखी गई थी।
इस गिरावट की वजह से शादी-ब्याह के सीजन में आम उपभोक्ताओं को खरीदारी का अच्छा मौका मिला था, लेकिन निचले स्तरों पर आई शॉर्ट कवरिंग (Short Covering) और नए भू-राजनीतिक बदलावों के बाद अब कीमतों ने फिर से यू-टर्न ले लिया है।क्यों हो रहा है सोने-चांदी में इतना उतार-चढ़ाव? (4 बड़े ग्लोबल फैक्टर्स)मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बुलियन मार्केट पर इस समय कई वैश्विक शक्तियों का असर पड़ रहा है। वर्तमान में बाजार की चाल तय करने वाले 4 मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- US फेडरल रिजर्व की नीतियां: अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसलों और महंगाई के आंकड़ों पर दुनिया भर के निवेशकों की नजर है।
- डॉलर इंडेक्स (Dollar Index): अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और कमजोरी का सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है।
- मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव: पश्चिम एशिया (Middle East) में गहराते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की तरफ भाग रहे हैं, जिससे मांग तेजी से बढ़ी है।
- कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें: क्रूड ऑयल के दामों में आ रहे उछाल से वैश्विक स्तर पर महंगाई का खतरा बढ़ रहा है। जब भी महंगाई का डर बढ़ता है, कीमती धातुओं (सोने-चांदी) को सपोर्ट मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और मिडिल ईस्ट का तनाव कम नहीं होता, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में इसी तरह का तेज उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहेगा। निवेशकों को सलाह है कि वे बाजार की चाल को देखकर ही बड़ा निवेश करें।