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गिग वर्कर्स के मुद्दे पर मोदी सरकार पर बरसे शशि थरूर ILO में भारत के रुख को बताया ‘राष्ट्रीय शर्म’ CJP को टैग कर दिया बड़ा राजनीतिक संदेश

नई दिल्ली | कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। इस बार उन्होंने अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) में गिग वर्कर्स के अधिकारों से जुड़े प्रस्ताव पर भारत के मतदान से दूरी बनाने के फैसले को “राष्ट्रीय शर्म” करार दिया। खास बात यह है कि हाल के महीनों में विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार के पक्ष में नजर आने वाले थरूर का यह बयान राजनीतिक हलकों में यू-टर्न के तौर पर देखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

जिनेवा में आयोजित ILO के 114वें अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में पहली बार ‘Decent Work in the Platform Economy’ पर एक ऐतिहासिक प्रस्ताव लाया गया। इसका उद्देश्य ऐप आधारित (Gig) और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण और श्रमिक अधिकारों जैसे वैश्विक मानक तय करना था।इस प्रस्ताव के समर्थन में 406 प्रतिनिधियों ने मतदान किया, जबकि केवल 8 प्रतिनिधियों ने विरोध किया। वहीं 36 प्रतिनिधियों ने मतदान से दूरी बनाई, जिनमें भारत सरकार का प्रतिनिधि भी शामिल था। हालांकि, भारत के नियोक्ता और श्रमिक प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव के समर्थन में वोट दिया।

‘भारत सरकार का फैसला राष्ट्रीय शर्म’

शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भारत सरकार का मतदान से दूर रहना बेहद निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि जब भारतीय नियोक्ताओं और श्रमिक संगठनों ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया, तब सरकार को भी गिग वर्कर्स के हित में खड़ा होना चाहिए था।

थरूर ने लिखा,

“गिग वर्कर्स के लिए न्यूनतम मानक तय करने वाले ILO सम्मेलन में मतदान से दूर रहने का भारत सरकार का फैसला राष्ट्रीय शर्म है। सरकार को इन वैश्विक मानकों का समर्थन करना चाहिए था, ताकि उन्हें भारतीय कानूनों का हिस्सा बनाया जा सके।”

युवाओं और गिग वर्कर्स की अनदेखी का आरोप

कांग्रेस सांसद ने सरकार पर युवाओं की जरूरतों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि देश के लाखों ऐप आधारित डिलीवरी पार्टनर, कैब ड्राइवर और अन्य गिग वर्कर्स बेहद कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, सरकार का यह रुख दिखाता है कि वह इस बड़े कार्यबल की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।

CJP को टैग कर दिया बड़ा राजनीतिक संकेत

थरूर ने अपने पोस्ट में केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया, पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ-साथ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को भी टैग किया। राजनीतिक जानकार इसे केवल सरकार की आलोचना नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर देख रहे हैं। हाल के दिनों में थरूर के कई बयान कांग्रेस और बीजेपी—दोनों के भीतर चर्चा का विषय रहे हैं।

क्यों अहम है यह मुद्दा?

भारत में करोड़ों लोग स्विगी, जोमैटो, ओला, उबर, ब्लिंकिट और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए गिग वर्क के माध्यम से रोजगार प्राप्त करते हैं। ऐसे में ILO के प्रस्ताव को भविष्य में गिग वर्कर्स के वेतन, बीमा, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक पहल माना जा रहा है। इसी वजह से भारत सरकार के मतदान से दूर रहने के फैसले पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

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