मुंबई। वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता और अहम आर्थिक संकेतकों से पहले निवेशकों की सतर्कता का असर बुधवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। IT, FMCG और ऑटो शेयरों में बिकवाली के दबाव के चलते घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 183.15 अंक यानी 0.24 प्रतिशत गिरकर 77,472.94 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 126.80 अंक यानी 0.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,207.75 पर बंद हुआ।
24,400 का स्तर निफ्टी के लिए अहम
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,400 का स्तर तत्काल और महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। उनका कहना है कि यदि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर लगातार टिकता है, तो तकनीकी स्थिति मजबूत हो सकती है और निफ्टी 24,500 से 24,600 के स्तर की ओर बढ़ सकता है।
वहीं, निचले स्तर पर 24,200 तत्काल सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है। इसके बाद 24,100 से 24,000 का क्षेत्र मजबूत सपोर्ट जोन माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, 24,150 के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है।
IT और ऑटो शेयरों में दबाव
बुधवार के कारोबार में IT सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा। इसके अलावा FMCG और ऑटो शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी में शामिल शेयरों में भारती एयरटेल, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन और इंफोसिस प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में रहे, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव बढ़ा।
हालांकि, बाजार के कुछ सेक्टरों ने कमजोरी के बीच बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मेटल, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी सीमेंट इंडेक्स ने बाजार को कुछ सहारा दिया।
मिडकैप में हल्की गिरावट, स्मॉलकैप में तेजी
व्यापक बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.1 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.81 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इससे संकेत मिलता है कि बड़े शेयरों में दबाव के बावजूद कुछ छोटे शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।
Nvidia और अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर नजर
आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर कई अहम वैश्विक घटनाओं पर रहेगी। खास तौर पर Nvidia की कमाई और अमेरिका के महंगाई आंकड़े बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इन आंकड़ों से टेक्नोलॉजी शेयरों, ब्याज दरों और वैश्विक स्तर पर निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को लेकर संकेत मिल सकते हैं।
