नोएडा/लखनऊ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इतिहास में सोमवार का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। करीब 25 वर्षों के लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से पहली कमर्शियल फ्लाइट ने उड़ान भरकर एक नया इतिहास रच दिया। इस ऐतिहासिक शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश अब 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला देश का अग्रणी राज्य बन गया है।
- अन्नदाताओं का बढ़ा मान: पहली फ्लाइट में सवार हुए 172 किसान
जेवर एयरपोर्ट से टेकऑफ करने वाली पहली कमर्शियल फ्लाइट इंडिगो एयरलाइंस की थी, जिसने लखनऊ के लिए उड़ान भरी। इस उड़ान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें कोई वीआईपी नहीं, बल्कि जेवर के 172 स्थानीय किसान सवार थे। यह वही अन्नदाता हैं जिन्होंने देश के इस सबसे बड़े प्रोजेक्ट के लिए अपनी ज़मीनें दी थीं। सरकार और एयरपोर्ट प्रशासन ने उनके इस त्याग और योगदान को नमन करते हुए उन्हें पहली उड़ान का गौरवशाली हिस्सा बनाया।
- वाटर सैल्यूट से हुआ स्वागत, केंद्रीय मंत्री ने कहा- ‘ऐतिहासिक पल‘
इससे पहले, सोमवार सुबह लगभग 8:05 बजे लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आई इंडिगो की पहली फ्लाइट ने जैसे ही जेवर एयरपोर्ट के रनवे को छुआ, पूरा एयरपोर्ट तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। विमान का स्वागत पारंपरिक ‘वाटर सैल्यूट’ से किया गया।
इस ऐतिहासिक मौके पर मौजूद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा:
- आज से 4 शहरों के लिए उड़ानें शुरू; 1 जुलाई से बड़ा प्लान
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आज से ही जेवर एयरपोर्ट से देश के चार प्रमुख शहरों के लिए नियमित विमान सेवाएं शुरू हो गई हैं:लखनऊ,बेंगलुरु,हैदराबाद,अमृतसर
आगे की तैयारी: अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ शुरुआत है। आगामी 1 जुलाई से इस एयरपोर्ट से 16 और शहरों के लिए उड़ानों का दायरा बढ़ा दिया जाएगा, जिससे कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
- यूपी का 5वां इंटरनेशनल एयरपोर्ट; बदल जाएगी पश्चिमी यूपी की किस्मत
जेवर एयरपोर्ट के लाइव होने के साथ ही उत्तर प्रदेश अब लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर और अयोध्या के बाद 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला राज्य बन गया है।आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट का चालू होना पश्चिमी उत्तर प्रदेश (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, बुलंदशहर) के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। इससे:
- दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट के ट्रैफिक से बड़ी राहत मिलेगी।
- क्षेत्र में भारी विदेशी निवेश (FDI) आएगा और नए औद्योगिक हब बनेंगे।
- व्यापार, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में लाखों नए रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।
