नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि लगातार विरोध और छात्रों की मांग के बावजूद सरकार शिक्षा मंत्री को पद से नहीं हटा रही है।
मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि पिछले कई दिनों से नीट परीक्षा समेत विभिन्न शिक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर छात्र और विपक्षी दल लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार ने न तो छात्रों से कोई सार्थक बातचीत की है और न ही उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला लिया है।
सपा प्रमुख ने कहा, “देश का युवा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार उन्हें हटाने को तैयार नहीं है। आखिर ऐसा कौन-सा दबाव है? कहीं ऐसा तो नहीं कि उनके पास कोई ऐसा राज हो, जिसकी वजह से सरकार कार्रवाई करने से बच रही है?” हालांकि, उन्होंने अपने इस आरोप के समर्थन में कोई साक्ष्य पेश नहीं किया।
वहीं, आजमगढ़ से समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि आज देश का हर वर्ग महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों को लेकर परेशान है। सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता की आवाज लगातार बुलंद हो रही है और विपक्ष उसी आवाज को संसद से लेकर सड़क तक उठाने का काम कर रहा है।
इस बीच संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कई सांसद काले कपड़ों और काले पट्टे के साथ संसद पहुंचे, जबकि कुछ महिला सांसदों ने नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।
गौरतलब है कि 21 जुलाई की शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने तीनों नेताओं को हिरासत में लिया था, हालांकि देर रात उन्हें रिहा कर दिया गया।
फिलहाल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेरने की रणनीति पर कायम है।
धर्मेंद्र प्रधान को लेकर अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक बयान हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।
