रायपुर, 5 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) से जुड़े कथित भर्ती घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच तेज कर दी है। मामले में अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें पहले से जांच के दायरे में रहे लोगों के साथ-साथ जमानत पर बाहर चल रहे कुछ आरोपी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
ED की जांच अब कथित कैश सिंडिकेट और पैसों के लेनदेन की कड़ियों पर केंद्रित है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर वसूली गई रकम कहां से आई, किन माध्यमों से उसका लेनदेन हुआ और इस पूरी प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।
जमानत पर बाहर आरोपियों से भी होगी पूछताछ
मामले में जमानत पर बाहर चल रहे कुछ आरोपियों को भी दोबारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने की जानकारी है। ED कथित वित्तीय लेनदेन और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को लेकर इन लोगों से पूछताछ कर सकती है।
जांच में अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर 3 करोड़ रुपये से अधिक की कथित वसूली किए जाने की बात सामने आने का दावा किया गया है। अब एजेंसी इस रकम के स्रोत, उसके ट्रांसफर और संभावित लाभार्थियों तक पहुंचने की कड़ियों की जांच कर रही है।
NGO और कंपनियों से जुड़े लोग भी जांच के दायरे में
ED की जांच कथित तौर पर कुछ NGO, बड़ी कंपनियों और रिसॉर्ट संचालकों से जुड़े लोगों तक भी पहुंच गई है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं कथित तौर पर जुटाई गई रकम को दूसरे माध्यमों के जरिए इधर-उधर तो नहीं किया गया।
इसके अलावा CSR फंड के कथित इस्तेमाल की आशंका को लेकर भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। ED रकम के स्रोत, उसके इस्तेमाल और इससे संभावित रूप से लाभ पाने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है।
पूछताछ के बाद सामने आएगी लेनदेन की पूरी कड़ी
करीब 30 लोगों को नोटिस जारी किए जाने के बाद अब मामले में पूछताछ का दौर शुरू होने की उम्मीद है। ED की जांच में सामने आने वाले बयानों और वित्तीय दस्तावेजों के आधार पर कथित भर्ती घोटाले से जुड़े पैसों के लेनदेन की कड़ियां और स्पष्ट हो सकती हैं।
फिलहाल यह जांच जारी है और ED की पूछताछ तथा दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित वित्तीय लेनदेन का नेटवर्क किन लोगों तक पहुंचता है और इसमें किसकी क्या भूमिका थी।
