जांजगीर-चांपा। जिले के ग्राम कड़ारी में करमता भाजी का सेवन करने के बाद एक ही परिवार के 10 सदस्य फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। अचानक तबीयत बिगड़ने पर सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां समय पर उपचार मिलने से उनकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है। चिकित्सकों के अनुसार सभी मरीज अब खतरे से बाहर हैं।
- भाजी खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार परिवार के सदस्यों ने 16 जून की रात भोजन के साथ करमता भाजी का सेवन किया था। इसके बाद अगले दिन सुबह उन्हें पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं होने लगीं। देखते ही देखते परिवार के कई सदस्यों की हालत खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दारंग ले जाया गया।
- प्राथमिक उपचार के बाद चांपा रेफर
स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद सभी मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बीडीएम अस्पताल चांपा रेफर किया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में मरीजों का उपचार शुरू किया गया और लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी गई।
- समय पर इलाज से सभी की हालत में सुधार
डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि एक-दो लोगों में हल्के लक्षण शेष हैं। सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है और किसी प्रकार का खतरा नहीं है। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से बड़ी अनहोनी टल गई।
- प्रशासन ने लिया तत्काल संज्ञान
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक उपचार और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं गुरुवार को एसडीएम पवन कोसमा ने डॉक्टर नवल किशोर ध्रुव के साथ अस्पताल पहुंचकर मरीजों का हालचाल जाना और उपचार व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
- सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की जंगली या अपरिचित भाजी एवं खाद्य पदार्थों का सेवन सावधानीपूर्वक करें। खाद्य पदार्थों की सही पहचान और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने से इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सकता है।
