नई दिल्ली/भरूच: अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया शांति समझौते के बाद भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत का LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) कैरियर ‘दिशा’ सफलतापूर्वक Strait of Hormuz को पार करते हुए Dahej Port पर सुरक्षित पहुंच गया है। जहाज अपने साथ 62,370 मीट्रिक टन LNG लेकर आया है, जिससे देश की ऊर्जा आपूर्ति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
- होर्मुज़ से सुरक्षित गुजरा LNG टैंकर
दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज़ जलडमरूमध्य से इस टैंकर का सुरक्षित गुजरना भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में ‘दिशा’ का सुरक्षित भारत पहुंचना ऊर्जा क्षेत्र के लिए राहत भरी खबर है।
- मध्य-पूर्व में तनाव के बीच मिला सकारात्मक संकेत
पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘दिशा’ के सफलतापूर्वक दहेज पोर्ट पहुंचने से यह संकेत मिला है कि क्षेत्र में समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की गतिविधियां फिर से सामान्य होने लगी हैं।
- 62,370 मीट्रिक टन LNG लेकर पहुंचा जहाज
‘दिशा’ कैरियर पश्चिम एशिया से 62,370 मीट्रिक टन LNG का कार्गो लेकर भारत पहुंचा है। बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच इस जहाज का सुरक्षित सफर पूरा करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे भारत की गैस आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलने की संभावना है।
- ऊर्जा सुरक्षा के लिए राहत की खबर
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में LNG टैंकरों का निर्बाध रूप से भारत पहुंचना देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्षेत्र में शांति बनी रहती है तो भारत को तेल और गैस आपूर्ति में किसी बड़ी बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सरकार का फोकस
इस बीच, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने भी भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, फारस की खाड़ी क्षेत्र से भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
- 3,639 से अधिक नाविकों की हो चुकी है सुरक्षित वापसी
मंत्रालय के अनुसार, Directorate General of Shipping के माध्यम से अब तक 3,639 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी में सहायता की जा चुकी है। इनमें पिछले 72 घंटों के दौरान लौटे 47 नाविक भी शामिल हैं।
- भारत के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि ‘दिशा’ का सुरक्षित भारत पहुंचना केवल एक जहाज के आगमन की खबर नहीं है, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था में स्थिरता लौटने का संकेत भी है। इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और आने वाले दिनों में तेल एवं गैस की सप्लाई सामान्य बने रहने की उम्मीद बढ़ेगी।
