मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से बेहद हंगामेदार अंदाज में शुरू हो गया। सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और राजनीतिक पैंतरेबाज़ी देखने को मिली। जहां एक तरफ शिवसेना (UBT) के युवा नेता आदित्य ठाकरे आक्रामक अंदाज में विरोध प्रदर्शन करते नजर आए, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेहद शांत और संयमित रुख अपनाकर विपक्ष के तीखे हमलों की हवा निकाल दी।
‘शेतकऱ्यांचा सातबारा कोरा करा’ के नारों से गूंजा परिसर
सत्र की शुरुआत से ठीक पहले, आदित्य ठाकरे के नेतृत्व में महाविकास अघाड़ी (MVA) के विधायकों ने विधानसभा परिसर की सीढ़ियों पर जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्ष के हाथों में बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लिखे थे।
- प्रमुख मांग: विपक्षी दल मुख्य रूप से किसानों के कर्ज को पूरी तरह माफ करने (“शेतकऱ्यांचा सातबारा कोरा करा”) की मांग कर रहे थे।
- आदित्य ठाकरे का रुख: आदित्य ठाकरे लगातार फ्रंटफुट पर रहकर सरकार की नीतियों को घेरते दिखे और उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।
मुख्यमंत्री फडणवीस का ‘कूल और शांत’ अवतार
आदित्य ठाकरे और विपक्ष के इस भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक अलग ही रूप देखने को मिला। अमूमन विपक्ष के हमलों पर तुरंत और आक्रामक पलटवार करने वाले फडणवीस आज बेहद शांत नजर आए।
- जब विपक्ष उनके सामने नारेबाजी कर रहा था, तब सीएम फडणवीस मुस्कुराते हुए और बिना किसी उत्तेजना के वहां से आगे बढ़ गए।
- राजनीतिक गलियारों में फडणवीस के इस ‘शांत अवतार’ को एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि सरकार विपक्ष के हंगामे से विचलित होने वाली नहीं है और पूरी तरह से काम पर केंद्रित है।
आगे क्या?
मॉनसून सत्र के पहले ही दिन की इस तस्वीर ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर की कार्यवाही और भी ज्यादा गरमाने वाली है। किसानों के मुद्दे, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है, जबकि सत्ता पक्ष भी हर हमले का शालीनता और आंकड़ों के साथ जवाब देने के लिए तैयार दिख रहा है।
