नई दिल्ली। नक्सलवाद के मोर्चे पर देश में बड़ी सफलता हासिल करने के बाद, अब केंद्र सरकार ने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय का पूरा ध्यान अब देश में अवैध घुसपैठ को पूरी तरह रोकने और अवैध रूप से रह रहे लोगों को बाहर निकालने पर केंद्रित हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस अभियान को ‘मिशन मोड’ में आगे बढ़ा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, नक्सलवाद के खात्मे की तरह ही अब अवैध घुसपैठियों के खिलाफ भी सरकार एक तय समयसीमा (Deadline) निर्धारित करने पर विचार कर रही है, ताकि सभी राज्य सरकारें और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां एक मजबूत समन्वय (Coordination) के साथ इस लक्ष्य को हासिल कर सकें।
क्या है अमित शाह की ‘3D रणनीति’?
देश से अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने के लिए गृह मंत्रालय ने एक बेहद सख्त और त्रि-स्तरीय रणनीति तैयार की है, जिसे ‘3D फॉर्मूला’ कहा जा रहा है:
- डिटेक्ट (Detect – पहचान करना): आधुनिक तकनीक और खुफिया इनपुट के जरिए देश के कोने-कोने में छिपे अवैध प्रवासियों की सटीक पहचान करना।
- डिटेन (Detain – हिरासत में लेना): पहचान होने के बाद ऐसे लोगों को कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में लेकर डिटेंशन सेंटर्स में रखना।
- डिपोर्ट (Deport – वापस भेजना): कागजी और राजनयिक औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें उनके मूल देश वापस भेजना।
राज्यों के साथ मिलकर बनेगा सुरक्षा कवच
इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों की सीमाओं पर सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत कर रही है। सीमावर्ती राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों (जैसे BSF) के बीच रियल-टाइम डेटा शेयरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि देश की सुरक्षा और जनसांख्यिकी (Demography) से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
