रायपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। देशभर में 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) (VB-G RAM G) योजना लागू हो गई है। इस नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों की जगह 125 दिनों तक रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। साथ ही मजदूरी दरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।छत्तीसगढ़ सरकार ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, कृषि आधारित कार्य, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आजीविका संवर्धन जैसे 318 प्रकार के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
2 जुलाई को होगा औपचारिक शुभारंभ
योजना का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। इस दौरान वे विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित होगा, जहां उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीणों से जुड़ेंगे।
मजदूरों को क्या-क्या मिलेगा?
नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलेंगी—
- साल में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी।
- 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान की व्यवस्था।
- समय पर काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता।
- डिजिटल जॉब कार्ड और तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली।
- पारदर्शी भुगतान व्यवस्था और सामाजिक अंकेक्षण।
- ग्राम सभा की भागीदारी से विकास कार्यों का चयन।
अब कितनी मिलेगी मजदूरी?
केंद्र सरकार के अनुसार, नई योजना के तहत राष्ट्रीय औसत दैनिक मजदूरी 298.80 रुपये से बढ़ाकर 327.40 रुपये कर दी गई है। यानी औसतन 28.60 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है।
सरकार ने 300 रुपये प्रतिदिन की अंतरिम आधार मजदूरी भी निर्धारित की है, ताकि किसी भी राज्य में इससे कम मजदूरी न मिले। देशभर में औसतन 10 प्रतिशत से अधिक मजदूरी बढ़ाई गई है।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा बढ़ी मजदूरी
नई मजदूरी संरचना के तहत कम मजदूरी वाले राज्यों को अधिक लाभ दिया गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम में मजदूरी में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। वहीं अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में लगभग 24.5 प्रतिशत की सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सबसे अधिक मजदूरी वाले राज्यों में हरियाणा में 409 रुपये, गोवा में 406 रुपये, केरल में 401 रुपये, जबकि सिक्किम के ऊंचाई वाले ग्राम पंचायत क्षेत्रों में 450 रुपये प्रतिदिन मजदूरी निर्धारित की गई है।
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार
नई व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों की विकास कार्ययोजना ग्राम सभा तैयार करेगी, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्यों का चयन होगा। जल संरक्षण, सिंचाई, वृक्षारोपण, ग्रामीण सड़क निर्माण और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
केंद्र सरकार का कहना है कि योजना के सुचारु संचालन, समय पर मजदूरी भुगतान और विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन किया गया है।
कुल मिलाकर, VB-G RAM G योजना ग्रामीण भारत के लिए रोजगार, विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे लाखों ग्रामीण परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
