रायपुर। राजधानी रायपुर के प्रोफेसर कॉलोनी इलाके में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में सोलर पैनल लगाने का काम कर रहे दो मजदूरों की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुरानी बस्ती थाना पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा जांच शुरू कर दी। इस हादसे ने एक बार फिर ऊंचाई पर काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्यों में बरती जाने वाली सावधानियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, प्रोफेसर कॉलोनी स्थित एक मकान की छत पर तीन मजदूर सोलर पैनल लगाने का कार्य कर रहे थे। काम के दौरान पैनल या उसे उठाने में इस्तेमाल किया जा रहा उपकरण मकान के समीप से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। संपर्क होते ही तेज करंट फैल गया, जिससे वहां मौजूद मजदूर प्रमोद चंद्राकर (25 वर्ष) और आशीष चंद्राकर (19 वर्ष) गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसा इतना भीषण था कि दोनों मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज करंट के कारण कोई भी तत्काल उनके पास नहीं पहुंच सका। बिजली आपूर्ति बंद कराए जाने के बाद दोनों को संभालने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए।
हादसे के समय छत पर मौजूद तीसरा मजदूर किसी तरह सुरक्षित बच निकला। पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है ताकि घटना के समय की पूरी परिस्थितियों की जानकारी मिल सके। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
सूचना मिलने के बाद पुरानी बस्ती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा केवल लापरवाही का परिणाम था या सुरक्षा मानकों के पालन में किसी प्रकार की चूक हुई थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हाईटेंशन लाइन के बेहद करीब सोलर पैनल लगाने का कार्य किया जा रहा था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए गए थे या नहीं। मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं तथा संबंधित ठेकेदार या एजेंसी ने बिजली लाइन के पास काम करने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन किया था या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, तकनीकी जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस दर्दनाक हादसे से मृतक मजदूरों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोगों ने भी घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निर्माण और सोलर इंस्टॉलेशन कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए। विशेषज्ञों का भी मानना है कि हाईटेंशन बिजली लाइनों के पास किसी भी प्रकार का कार्य करते समय पर्याप्त दूरी बनाए रखना, बिजली आपूर्ति बंद कराना तथा सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करना ऐसे हादसों को रोकने के लिए बेहद आवश्यक है।
