कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को आयोजित एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के भीतर जारी राजनीतिक संकट, चुनाव चिन्ह पर उठे विवाद और बागी नेताओं के रवैये पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “तृणमूल कांग्रेस का चुनाव चिन्ह कोई नहीं छीन सकता। यह जनता की पहचान है और हमारे पास ही रहेगा।”
ममता बनर्जी ने दावा किया कि कुछ लोग पार्टी को कमजोर करने और चुनाव चिन्ह पर दावा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कानून और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर उन्हें पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग में चाहे कितनी भी कोशिशें की जाएं, आखिरकार सच्चाई की जीत होगी और टीएमसी की पहचान बरकरार रहेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों और प्रशासनिक तंत्र का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना था कि टीएमसी नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और पार्टी को तोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी, महुआ मोइत्रा सहित कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ लगातार राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। ममता ने आरोप लगाया कि यह सब विपक्ष की आवाज दबाने की रणनीति का हिस्सा है और जनता इन प्रयासों को अच्छी तरह समझ रही है।
राम मंदिर के मुद्दे पर भी ममता बनर्जी ने भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था का विषय हैं, लेकिन उनके नाम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया गया। ममता ने कहा कि धर्म को राजनीति का हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए और देश की संस्कृति सभी धर्मों के सम्मान की सीख देती है।
पार्टी मुख्यालय को लेकर चल रहे विवाद पर भी ममता ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी के जिस कार्यालय पर कब्जे की बात सामने आई है, उसका किरायानामा अक्टूबर 2027 तक वैध है। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के जरिए पार्टी अपने अधिकारों की रक्षा करेगी और किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि जो लोग व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के कारण पार्टी छोड़ रहे हैं, वे जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस संघर्ष से बनी पार्टी है और कठिन परिस्थितियों में भी पीछे हटने वाली नहीं है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और संगठन को मजबूत बनाने के लिए एकजुट होकर काम करें। ममता ने कहा कि टीएमसी की असली ताकत उसके लाखों कार्यकर्ता और राज्य की जनता है, इसलिए किसी भी साजिश से पार्टी को कमजोर नहीं किया जा सकता।
हाल के दिनों में टीएमसी के भीतर बढ़े राजनीतिक घटनाक्रम, बागी गुट की सक्रियता और पार्टी मुख्यालय को लेकर विवाद के बीच ममता बनर्जी का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में चुनाव चिन्ह और संगठन पर जारी विवाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
