Exclusive News:

New Small Speaker Review: Pricing is Not Always the Only Criteria

I understand how that could positively effect your body,...

Now Is the Time to Think About Your Small-Business Success

I understand how that could positively effect your body,...

Cool Startups that Will Change Your Perspective on Clothes & Fashion

I understand how that could positively effect your body,...

रायपुर नगर निगम में आज ‘महासंग्राम’ विशेष सामान्य सभा में जलभराव और सफाई पर घमासान विपक्ष के तीखे सवालों से घिरेगी निगम सरकार

विशेष रिपोर्ट | रायपुर

राजधानी रायपुर में मानसून की दस्तक के साथ ही निगम की सियासत का पारा चरम पर पहुंच गया है। शहर की चरमराई सफाई व्यवस्था, पहली ही बारिश में डूबी सड़कें और जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर आज रायपुर नगर निगम की विशेष सामान्य सभा बुलाई गई है। मानसून के ठीक बीच बुलाई गई इस आपात बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार हंगामे और तीखी बहस के पूरे आसार हैं।

विपक्ष ने इस बैठक के लिए ‘नो-कॉन्फिडेंस’ जैसी आक्रामक रणनीति तैयार की है, वहीं सत्ता पक्ष भी अपने बचाव के लिए आंकड़ों की ढाल तैयार कर चुका है।

इन 5 बड़े मुद्दों पर विपक्ष घेरेगा निगम सरकार को:
  1. कागजी साबित हुई ‘प्री-मानसून’ तैयारियां:विपक्ष का आरोप है कि निगम ने मानसून से पहले बड़े नालों की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए बहा दिए, लेकिन पहली ही मध्यम बारिश ने दावों की पोल खोल दी। मोवा, सड्डू, समता कॉलोनी और पुरानी बस्ती जैसे इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया।
  2. सफाई व्यवस्था ठप, मौसमी बीमारियों का खतरा:शहर के कई वार्डों में कचरा कलेक्शन ठप है। बारिश के पानी में कचरा सड़ने से डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है, जिस पर निगम की सुस्ती को मुद्दा बनाया जाएगा।
  3. ‘स्मार्ट सिटी’ की बदहाल सड़कें:करोड़ों की लागत से बनी सड़कों पर हुए जानलेवा गड्ढे और पाइपलाइन बिछाने के बाद अधूरी छोड़ी गई सड़कों की मरम्मत का मुद्दा आज सदन में गूंजेगा।
  4. जलभराव से व्यापार और जनजीवन प्रभावित:राजधानी के मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों (जैसे मालवीय रोड, गोलबाजार) में पानी भरने से व्यापारियों को हुए नुकसान पर भी जवाब मांगा जाएगा।
  5. आपातकालीन अमले (Disaster Management) की नाकामी:कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबरों का काम न करना और जलभराव के समय वाटर पंपों की कमी को लेकर भी तीखे सवाल दागे जाएंगे।
सत्ता पक्ष की रक्षात्मक रणनीति बनाम विपक्ष का चक्रव्यूह

बैठक को लेकर महापौर और सत्ता पक्ष के पार्षदों ने कल रात एक गुप्त बैठक की, जिसमें विपक्ष के हर हमले का जवाब देने की रणनीति बनाई गई। सत्ता पक्ष का दावा है कि इस बार रिकॉर्ड बारिश हुई है और निगम का अमला 24 घंटे जमीन पर काम कर रहा है।

क्या सिर्फ राजनीति होगी या जनता को मिलेगा समाधान?

रायपुर की जनता इस समय जलभराव, जाम और गंदगी से बेहद त्रस्त है। शहरवासियों की नजरें आज की इस विशेष सामान्य सभा पर टिकी हैं। जनता यह उम्मीद कर रही है कि नेता दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस समस्या का कोई ठोस और स्थायी समाधान निकालेंगे।

क्या आज अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी? क्या शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए कोई ‘मास्टर प्लान’ पास होगा? या फिर हर बार की तरह यह बैठक भी केवल आरोपों-प्रत्यारोपों और हंगामे की भेंट चढ़ जाएगी—यह आज दोपहर तक साफ हो जाएगा।

Latest

Don't miss

महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: कृषि कर्जमाफी की शर्तों में ढील,शरद पवार ने किया स्वागत

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के किसानों को एक बड़ी राहत देते हुए कृषि कर्जमाफी योजना की पात्रता शर्तों को काफी उदार बना दिया...

खड़गे का बीजेपी पर बड़ा हमला, बोले ‘मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार का मॉडल बन गया, एथेनॉल के नाम पर 1,200 करोड़ का चावल घोटाला’

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मध्य प्रदेश में कथित 1,200 करोड़ रुपये के चावल घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर...

महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर-3’ की चर्चा तेज, ठाकरे और शरद पवार गुट के विधायकों को लेकर सियासी अटकलें

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्य के सियासी गलियारों में इन दिनों कथित 'ऑपरेशन टाइगर-3' को...