अयोध्या | विशेष रिपोर्ट
अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद आज का दिन इतिहास का सबसे अहम मोड़ साबित होने जा रहा है। सोमवार दोपहर 3 बजे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक आपात और बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा की विदाई तय मानी जा रही है।
चंदा और चढ़ावा चोरी का विवाद सामने आने के बाद से ही ट्रस्ट की छवि पर गंभीर सवाल उठ रहे थे, जिसके बाद दोनों पदाधिकारियों ने बीते 26 जून को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। आज की बैठक का पहला और सबसे बड़ा एजेंडा इन इस्तीफों को स्वीकार करना और ट्रस्ट में बड़े प्रशासनिक फेरबदल करना है।
आज की बैठक के 5 सबसे बड़े और संवेदनशील बिंदु:
- चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर मुहर:मंदिर प्रबंधन से लेकर चढ़ावे की रकम की गणना तक की सीधी जिम्मेदारी चंपत राय और अनिल मिश्रा के पास थी। विवादों में घिरने के बाद दोनों के इस्तीफे आज ट्रस्ट के दो-तिहाई बहुमत के फैसले के बाद आधिकारिक रूप से स्वीकार किए जा सकते हैं।
- पक्ष रखने का मिलेगा आखिरी मौका:न्याय प्रक्रिया के तहत दोनों पदाधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। आज बैठक में उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा, जिसके बाद ट्रस्ट अंतिम निर्णय सुनाकर देश को एक बड़ा संदेश देने की कोशिश करेगा।
- गोपाल राव पर भी गिर सकती है गाज:मंदिर निर्माण सहायक गोपाल राव, जो हर तीन महीने में होने वाली बैठकों में आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल होते थे, उनकी भूमिका भी संदेह के घेरे में है। सूत्रों के अनुसार, आज उन्हें बैठक से बाहर रखा जा सकता है।
- सदन में रखी जाएगी SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट:दान-पात्रों से गायब हुई राशि को लेकर चल रही जांच में विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट आज ट्रस्ट के सामने रखी जाएगी। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के ऑडिट और भविष्य की नई दान-गणना व्यवस्था की मंजूरी दी जाएगी।
- गोपनीयता के लिए बदला गया बैठक का ठिकाना:इतिहास में पहली बार ट्रस्ट की बैठक मणिराम दास छावनी के बजाय राम मंदिर परिसर के भीतर हो रही है। मामले की संवेदनशीलता और गोपनीयता को बनाए रखने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है।
“दोषी चाहे कितना भी बड़ा हो, दंड मिलना चाहिए”
चढ़ावा चोरी मामले पर देश भर के रामभक्तों की नजरें टिकी हुई हैं। इस बीच ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने साफ और कड़ा रुख अपनाते हुए निष्पक्षता की बात कही है।
रामभक्तों और ट्रस्ट की साख का सवाल
राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था के रूप में दिल खोलकर दान दिया है। ऐसे में चढ़ावे की राशि में हेरफेर ने न सिर्फ प्रबंधन बल्कि ट्रस्ट की साख को भी दांव पर लगा दिया है। आज होने वाले फैसले से यह साफ हो जाएगा कि ट्रस्ट अपनी छवि को बेदाग रखने के लिए कितने कड़े कदम उठाने जा रहा है।
अपराधियों पर कानूनी हंटर चलने के साथ-साथ आज अयोध्या से देश के करोड़ों सनातनी प्रेमियों को एक बेहद साफ और कड़ा संदेश मिलने की उम्मीद है।
