गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ में पंचायत प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में एक साथ 43 ग्राम पंचायत सचिवों का तबादला कर उन्हें नई पंचायतों में पदस्थ किया गया है। यह निर्णय उन सचिवों को ध्यान में रखकर लिया गया है, जो 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही ग्राम पंचायत में कार्यरत थे।
इस संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) द्वारा अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। प्रशासन का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ रहने से कार्यप्रणाली प्रभावित होने की संभावना रहती है। ऐसे में स्थानांतरण के जरिए पंचायतों में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, पारदर्शिता और विकास कार्यों में गति लाने का प्रयास किया गया है।
तीनों जनपद पंचायतों में हुआ व्यापक फेरबदल
जारी आदेश के अनुसार जिले के तीनों विकासखंडों में पंचायत सचिवों के तबादले किए गए हैं।
- जनपद पंचायत गौरेला – 15 सचिवों का स्थानांतरण
- जनपद पंचायत पेंड्रा – 2 सचिवों का स्थानांतरण
- जनपद पंचायत मरवाही – 26 सचिवों का स्थानांतरण
इस तरह पूरे जिले में कुल 43 ग्राम पंचायत सचिवों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके अलावा कई सचिवों को अतिरिक्त ग्राम पंचायतों का प्रभार भी दिया गया है, जो अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
मरवाही में सबसे ज्यादा तबादले
मरवाही जनपद पंचायत में सबसे अधिक 26 सचिवों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। इनमें कई सचिवों को नई पंचायतों के साथ अतिरिक्त पंचायतों का प्रभार भी सौंपा गया है।
प्रमुख तबादलों में राजेश जायसवाल को मसुरीखार से खन्ता भेजते हुए बरवासन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। बीरबल प्रजापति को चिचगोहना से साल्हेकोटा स्थानांतरित कर पिपरडोल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। अरुणा देवी कैवर्त को करहनी से निमधा भेजकर धरहर ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी भी दी गई है। वहीं लाल सिंह मराबी को पिपरडोल से भर्रीडांड स्थानांतरित कर बरगवां का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
इसके अलावा शिवचरण साहू, जनार्दन पुरी, रमेश सिंह ओंटेन, अनिल कुमार जायसवाल, प्रदीप राय, राजकुमारी श्याम, चंद्रभान सिंह, मदन सिंह मराबी, पीताम्बर सिंह, संजू राय, सरिता सोनवानी, दिनेश शर्मा, राजेंद्र तिवारी, जुगेश्वर प्रसाद बसंत, भूपेंद्र परस्ते, किशन सिंह पाव, रामखिलावन बुनकर, मूलचंद मराबी, अजय उरेती, बेदप्रसाद सिन्द्राम, सदन सिंह और लक्ष्मीकांत मास्को सहित कई सचिवों को नई पंचायतों में पदस्थ किया गया है।
गौरेला में भी बदले गए 15 सचिव
जनपद पंचायत गौरेला में 15 पंचायत सचिवों का स्थानांतरण किया गया है। चंद्रकांत राठौर को हर्री से डाहीबहरा भेजते हुए पंडरीपानी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। गोविंद सिंह को चुक्तीपानी से दौंजरा भेजकर हर्री पंचायत की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
इसी प्रकार नरोत्तम सिंह, शैलेन्द्र आयाम, त्रिलोक सिंह, सविता राठौर, नवीनता मराबी, आरती कश्यप, रामसिंह ध्रुव, ओमकार सिंह, राधेश्याम, सत्यवान सिंह, अंजली चंद्रा, बालकरण और सोमी खत्री को भी नई पंचायतों में पदस्थ किया गया है।
पेंड्रा में दो सचिवों का तबादला
जनपद पंचायत पेंड्रा में राय सिंह मशराम को सेवरा से कुड़कई तथा संतराम यादव को कुड़कई से तिलोरा ग्राम पंचायत में पदस्थ किया गया है।
पारदर्शिता और विकास कार्यों पर रहेगा फोकस
प्रशासन का कहना है कि पंचायत सचिव ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में समय-समय पर स्थानांतरण से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होती है और कार्यों में पारदर्शिता बढ़ती है। नए पदस्थ सचिव अब संबंधित ग्राम पंचायतों में सरकारी योजनाओं के संचालन, विकास कार्यों की निगरानी और पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद जिले की पंचायतों में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत सचिवों के स्थानांतरण को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
