मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट के पास भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आलोचना उन्हें स्वीकार है, लेकिन राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा, “मुझे जितना बदनाम करना है कीजिए, लेकिन महाराष्ट्र को बदनाम मत कीजिए। यदि किसी ने राज्य की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, तो उसे छोड़ूंगा नहीं।”
फडणवीस ने स्पष्ट किया कि भूस्खलन के बावजूद ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना की मुख्य संरचनाएं, जिनमें सुरंगें और पुल शामिल हैं, पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए लगभग 18 घंटे के भीतर यातायात बहाल कर दिया।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर परियोजना को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पिछली महाविकास अघाड़ी सरकार ने इस परियोजना को रोकने के लिए दो पन्नों का एक नोट तैयार किया था, जिसमें इसे बंद करने के लिए 14 कारण बताए गए थे। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार ने सभी तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा के बाद परियोजना को आगे बढ़ाया।
फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विशेषज्ञों की निगरानी में परियोजना पर लगातार काम किया जा रहा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विपक्ष ने भूस्खलन की घटना को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली और परियोजना की सुरक्षा पर सवाल उठाए, जबकि सरकार का कहना है कि यह घटना अत्यधिक बारिश के कारण हुई और परियोजना की मूल संरचना पूरी तरह सुरक्षित है।
इस मुद्दे को लेकर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि लोकतंत्र में आलोचना का स्वागत है, लेकिन महाराष्ट्र की छवि और विकास कार्यों को राजनीतिक लाभ के लिए निशाना बनाना उचित नहीं है।
