नई दिल्ली: दिल्ली-NCR के लाखों वाहन चालकों और डेली कम्यूटर्स के लिए आने वाले दिनों में सफर काफी आसान हो सकता है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने साउथ दिल्ली की रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मांडी रोड (Mandi Road) को नेशनल हाईवे (National Highway) घोषित करने और इसके विकास का पूरा जिम्मा NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) को सौंपने का आग्रह किया है।
क्यों खास है यह 8.8 किलोमीटर का स्ट्रेच?
- मांडी रोड दिल्ली और हरियाणा के बीच ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने में बेहद अहम भूमिका निभाती है:
- महत्वपूर्ण लिंक: लगभग 8.8 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास महरौली-गुरुग्राम रोड (NH-148A) को दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से जोड़ता है।
- इकोनॉमिक हब्स से कनेक्टिविटी: यह मार्ग देश की राजधानी दिल्ली को उसके पड़ोसी बिजनेस हब्स—गुरुग्राम और फरीदाबाद से जोड़ने वाली एक बेहद मजबूत और मुख्य कड़ी है।
चौड़ीकरण के प्रस्ताव को पहले ही मिल चुकी है मंजूरी
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में याद दिलाया कि UTTIPEC (यूनिफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग सेंटर) की गवर्निंग बॉडी ने सितंबर 2023 में ही इस सड़क की महत्ता को समझते हुए इसके चौड़ीकरण (Widening) और व्यापक विकास के प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन किया था।
NHAI के पास जाने से क्या होगा फायदा?
अगर केंद्रीय मंत्रालय इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देता है, तो दिल्ली-NCR की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे:
- समान इंजीनियरिंग मानक: NHAI के अधीन आने से सड़क का निर्माण अंतरराष्ट्रीय और यूनिफॉर्म मानकों के अनुसार होगा।
- जाम से मिलेगी मुक्ति: छतरपुर, मेहरौली और आसपास के रास्तों पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
- समय की बचत: दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच रोजाना अप-डाउन करने वाले नौकरीपेशा लोगों के सफर का समय काफी घट जाएगा।
- आर्थिक विकास को रफ्तार: सुचारू लॉजिस्टिक्स और बेहतर कनेक्टिविटी से इस पूरे क्षेत्र के रीजनल इकोनॉमिक डेवलपमेंट को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है:
“मांडी रोड के रणनीतिक महत्व, मौजूदा और भविष्य की ट्रैफिक मांग को देखते हुए इसे NHAI के दायरे में लाना बेहद जरूरी है। इससे न केवल यात्रियों को स्मूथ ट्रैफिक फैसिलिटी मिलेगी, बल्कि पूरे दिल्ली-NCR की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।”
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
