रायपुर। भगवान श्रीजगन्नाथ की पावन रथयात्रा के अवसर पर क्षत्रिय करणी सेना ने समस्त सनातन समाज को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए महाप्रभु जगन्नाथ के समक्ष विश्व कल्याण, सुख-शांति और समृद्धि की मंगलकामना की है। संगठन ने इस पवित्र पर्व को सनातन संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बताते हुए सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी।
क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजसिंह शेखावत एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भगवान जगन्नाथ, बड़े भ्राता भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा से जुड़ा रथयात्रा महापर्व सनातन परंपरा का एक अद्भुत और गौरवशाली पर्व है। यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व को प्रेम, भाईचारे, समानता और मानव कल्याण का संदेश देता है।
वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि रथयात्रा का पर्व समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त कर सभी को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य करता है। इस पावन अवसर पर ऊंच-नीच, छोटे-बड़े और अन्य सभी भेदभाव समाप्त होकर हर श्रद्धालु केवल भक्ति और आस्था के भाव से महाप्रभु की आराधना करता है। उन्होंने कहा कि रथयात्रा पूरे विश्व को बंधुत्व और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला दिव्य पर्व है।उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की परंपरा अत्यंत भावपूर्ण और अद्वितीय है। इस अवसर पर महाप्रभु जगन्नाथ अपने बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ स्वयं मंदिर से बाहर निकलकर रथ पर सवार होकर भक्तों के बीच पहुंचते हैं और उन्हें दर्शन देते हैं। यह परंपरा इस बात का प्रतीक है कि भगवान अपने भक्तों के निकट रहते हैं और सभी पर समान कृपा बरसाते हैं।
डॉ. राजसिंह शेखावत ने कहा कि रथयात्रा भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की महान परंपरा है, जो पूरी मानवता को सेवा, समर्पण, प्रेम और सद्भाव का मार्ग दिखाती है। उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ से प्रार्थना करते हुए कहा कि उनकी कृपा से विश्व में शांति, समृद्धि और कल्याण का वातावरण स्थापित हो।क्षत्रिय करणी सेना ने इस अवसर पर सभी सनातनियों को रथयात्रा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए महाप्रभु जगन्नाथ से सभी के जीवन में सुख, शांति और मंगल की कामना की। संगठन ने कहा कि यह पावन पर्व हमें एकता, संस्कृति और मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।
