कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की दर्दनाक घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। हादसे में घायल 17 श्रमिकों का राजकीय एसएसकेएम अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि बचाव दल लगातार मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश में जुटा हुआ है।
बचाव अभियान में कोलकाता पुलिस की आपदा प्रबंधन इकाई, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, कोलकाता नगर निगम, नागरिक सुरक्षा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और सेना के जवान संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं। मलबे में फंसे लोगों का पता लगाने के लिए भू-भेदी रडार, खोजी कुत्तों और भारी मशीनों की मदद ली जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे के समय निर्माण स्थल पर मौजूद श्रमिकों की वास्तविक संख्या का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं होने के कारण बचाव अभियान लगातार जारी है। मृतकों में तीन नाबालिग श्रमिक भी शामिल हैं, जो निर्माण कार्य में लगे हुए थे।
इस मामले की जांच कोलकाता पुलिस की अपराध शाखा कर रही है, जिसकी निगरानी पुलिस आयुक्त अजय नंद स्वयं कर रहे हैं। अब तक इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें वह व्यक्ति भी शामिल है जिस पर शुरुआती आरोप लगाए गए थे।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105, 110 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत गैर इरादतन हत्या, गैर इरादतन हत्या के प्रयास और सामूहिक आपराधिक दायित्व जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
गौरतलब है कि बुधवार को निर्माणाधीन गोदाम की लोहे की बीम और धातु की चादरें ताजा कंक्रीट का भार नहीं झेल सकीं, जिससे पूरी संरचना अचानक ढह गई और कई श्रमिक मलबे में दब गए। हादसे के चार दिन बाद भी राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
