रेत माफिया के आतंक पर अब करणी सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने गरजते हुए कहा है कि क्षत्रिय समाज के स्वाभिमान पर यह सीधा आघात है। वीरेंद्र सिंह तोमर ने शासन-प्रशासन को खुले शब्दों में चेतावनी दी है कि वे चुप बैठने वाले नहीं हैं। अगर दोषियों को पाताल से भी ढूंढकर कड़ी सजा नहीं दी गई, तो करणी सेना सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।
कोरिया/रायपुर: कोरिया जिले में आदरणीय श्री राजेंद्र सिंह दद्दा जी के परिवार पर आए इस वज्रपात ने न केवल एक परिवार को उजाड़ा है, बल्कि पूरे क्षत्रिय समाज की आत्मा को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद और दयनीय घड़ी में समाज को ढाढस बंधाने और न्याय की आवाज बुलंद करने के लिए करणी सेना के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर स्वयं आगे आए हैं।
वीरेंद्र सिंह तोमर का समाज के नाम संदेश:
भावुक और उतने ही संकल्पित शब्दों में वीरेंद्र सिंह तोमर ने पीड़ित परिवार को यह संदेश भेजा है कि वे इस विपत्ति में खुद को अकेला न समझें। तोमर ने कहा:
“जो समाज अपने लोगों के सम्मान और न्याय के लिए खड़ा नहीं होता, उसका अस्तित्व धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाता है। आज आवश्यकता केवल संवेदना जताने की नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध सामूहिक आवाज बुलंद करने और समाज को संगठित करने की है। करणी सेना का एक-एक सिपाही न्याय मिलने तक चैन से नहीं बैठेगा।”

न्याय के लिए संकल्प:
वीरेंद्र सिंह तोमर ने साफ तौर पर कहा है कि हम संविधान और कानून की मर्यादा में रहकर न्याय के लिए संघर्ष करेंगे, लेकिन यदि प्रशासन ने समाज के सब्र का इम्तिहान लिया, तो फिर सड़कों पर उतरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि इंसाफ में हो रही देरी के खिलाफ पूरे छत्तीसगढ़ में चक्का जाम आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई और राजनीति गरमाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने रात में ही घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी और सत्यप्रकाश त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले के दो अन्य आरोपी मनोज त्रिपाठी और भानू त्रिपाठी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच रेत उत्खनन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है:
उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बयान: डिप्टी सीएम अरुण साव ने घटना पर दुख जताते हुए कहा, “यह मामला बेहद गंभीर है। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने कांग्रेस पर इस मामले का राजनीतिकरण न करने की सलाह दी।
कांग्रेस का पलटवार: कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार के ‘सुशासन’ के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में रेत का अवैध और खूनी खेल सत्ता के संरक्षण में चल रहा है।
समाज में भारी आक्रोश
इस नृशंस हत्याकांड के बाद क्षत्रिय समाज और करणी सेना में गहरा आक्रोश है। करणी सेना छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि अन्याय के खिलाफ यह संघर्ष पूरे समाज के स्वाभिमान की लड़ाई है और करणी सेना पीड़ित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। ब्राह्मण समाज के स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार का समर्थन किया है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
